स्मृति मंधाना ने खुलासा किया कि उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी मिलने की जानकारी उसी दिन मिली, जिस दिन इस संबंध में आधिकारिक घोषणा की गई थी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फुल टाइम कप्तान बनने के बाद स्मृति मंधाना ने अपने पहले बयान में टीम की रणनीति और अपनी बल्लेबाजी को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने से उनके खेलने के अंदाज में कोई बदलाव नहीं आएगा। वह मैदान पर पहले की तरह आक्रामक बल्लेबाजी करेंगी और टीम की जरूरत के मुताबिक अपना खेल जारी रखेंगी। मंधाना का यह बयान जिम्बाब्वे के खिलाफ शुरू होने वाली टी20 सीरीज से पहले आया है, जो बतौर पूर्णकालिक कप्तान उनकी पहली सीरीज होगी।
स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कमान ऐसे समय मिली है, जब टीम आने वाले वर्षों में कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट की तैयारी कर रही है। कप्तान ने साफ किया कि उनके लिए नेतृत्व की भूमिका पूरी तरह नई नहीं है, क्योंकि वह पहले भी टीम के लीडरशिप ग्रुप का हिस्सा रही हैं।
कप्तानी मिलने की जानकारी कब मिली?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्मृति मंधाना ने बताया कि उन्हें कप्तान बनाए जाने की जानकारी उसी दिन मिली, जिस दिन इस संबंध में आधिकारिक घोषणा की गई। इससे एक दिन पहले टीम के भविष्य और रणनीति को लेकर समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, मुख्य कोच अमोल मजूमदार और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे।
मंधाना के मुताबिक, बैठक में अगले दो से तीन वर्षों के दौरान होने वाले बड़े टूर्नामेंट और टीम की तैयारियों पर चर्चा की गई। इस दौरान भविष्य की योजनाओं, टीम के प्रदर्शन और आगे की रणनीति पर विचार किया गया। उनके बयान से संकेत मिलता है कि भारतीय महिला टीम का ध्यान केवल आगामी सीरीज तक सीमित नहीं है, बल्कि वह लंबी अवधि की योजना के साथ आगे बढ़ना चाहती है। हालांकि, टीम की विस्तृत रणनीति और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर आधिकारिक तौर पर सामने आने वाली जानकारी ही अंतिम मानी जाएगी।
कप्तानी से बल्लेबाजी पर नहीं पड़ेगा असर
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स्मृति मंधाना अपनी आकर्षक स्ट्रोक प्ले और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं। वह भारतीय टीम की प्रमुख ओपनर हैं और पारी की शुरुआत में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखती हैं। ऐसे में कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी का उनके बल्लेबाजी के तरीके पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह सवाल चर्चा में था।इस पर मंधाना ने स्पष्ट कहा कि कप्तान बनने से उनकी बल्लेबाजी में बदलाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपने बचपन के कोच की सीख का जिक्र करते हुए बताया कि बल्लेबाजी करने उतरते समय हमेशा जिम्मेदारी के साथ खेलने की सोच रखनी चाहिए।
मंधाना के अनुसार, जब भी गेंद उनके बल्लेबाजी क्षेत्र में आएगी, वह उसे अपने अंदाज में खेलने की कोशिश करेंगी। साथ ही, उनका खेल टीम की जरूरत के अनुरूप रहेगा। यानी वह आक्रामक रवैया बनाए रखने के साथ परिस्थितियों के हिसाब से फैसले लेने पर भी ध्यान देंगी। उनका यह नजरिया बताता है कि वह कप्तानी और बल्लेबाजी के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहती हैं। टीम की अगुवाई करते हुए भी वह अपनी स्वाभाविक शैली को बरकरार रखने के पक्ष में हैं।
पहले से लीडरशिप ग्रुप का हिस्सा रही हैं मंधाना
स्मृति मंधाना ने कहा कि वह पहले भी टीम के नेतृत्व समूह में शामिल रही हैं, इसलिए कप्तानी उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव नहीं है। इस भूमिका में उन्हें टीम के साथ तालमेल बनाने और खिलाड़ियों की जरूरतों को समझने में मदद मिल सकती है। उन्होंने टी20 क्रिकेट में टीम के प्रदर्शन पर भी अपनी राय रखी। मंधाना ने माना कि भारतीय टीम अच्छी स्थिति में है, लेकिन प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की गुंजाइश हमेशा रहती है। उन्होंने कहा कि टीम को लगभग 10 प्रतिशत सुधार की जरूरत है और खिलाड़ी इस लक्ष्य से परिचित हैं।
यह बयान दिखाता है कि नई कप्तान मौजूदा प्रदर्शन से संतुष्ट होने के बजाय लगातार सुधार पर जोर देना चाहती हैं। टी20 जैसे तेज प्रारूप में छोटी-छोटी कमियां भी मैच के परिणाम को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और मैदान पर फैसले लेने की क्षमता में सुधार अहम होगा।










