लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली उनकी पत्नी गीतांजलि की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया। अदालत ने कहा कि अब इस प्रकरण में आगे सुनवाई की आवश्यकता नहीं है।
लद्दाख: भारत के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर Sonam Wangchuk से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा कर दिया है। अदालत ने कहा कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत की गई हिरासत पहले ही खत्म हो चुकी है और वांगचुक को रिहा कर दिया गया है, तो इस याचिका पर आगे सुनवाई की आवश्यकता नहीं रह जाती। यह याचिका उनकी पत्नी गीतांजलि की ओर से दायर की गई थी, जिसमें हिरासत को अवैध बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि केंद्र सरकार ने 14 मार्च को वांगचुक पर लगाया गया National Security Act (NSA) वापस ले लिया था और उन्हें रिहा कर दिया गया है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि हिरासत अब समाप्त हो चुकी है, इसलिए याचिका स्वतः ही निरर्थक हो जाती है। इसी आधार पर अदालत ने मामले की सुनवाई बंद करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि पूरे मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलू खत्म हो गए हैं। कुछ संबंधित मुद्दों पर अलग-अलग अदालतों में सुनवाई जारी रहेगी।

दिल्ली हाईकोर्ट में जारी है सुनवाई
इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर Delhi High Court में सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई की तारीख 12 अगस्त तय की है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका तक सीमित है, जबकि गिरफ्तारी की परिस्थितियों और अन्य आरोपों से जुड़े सवाल अभी भी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में लद्दाख में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद हिरासत में लिया गया था। उस समय लद्दाख में छठी अनुसूची का दर्जा और पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे थे। 24 सितंबर 2025 को लेह में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।
इसके बाद 26 सितंबर को वांगचुक को कथित तौर पर हिंसा भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। सरकार ने उस समय उनकी हिरासत को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताते हुए एनएसए लगाया था।
सरकार ने क्यों हटाया NSA
गृह मंत्रालय की ओर से बाद में जारी बयान में कहा गया कि विस्तृत समीक्षा के बाद सरकार ने हिरासत को रद्द करने का फैसला लिया। बयान में यह भी कहा गया कि सरकार लद्दाख की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। NSA हटने के बाद वांगचुक को रिहा कर दिया गया, जिसके बाद उनकी पत्नी की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई समाप्त कर दी।









