Sonam Wangchuk Health Update: अनशन के 11वें दिन बिगड़ी सेहत, 7 किलो से ज्यादा घटा वजन

Sonam Wangchuk Health Update: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 11वें दिन भी जारी है। लगातार उपवास के चलते उनका वजन 7 किलो से अधिक घट गया है। जानें

सोनम वांगचुक की तबीयत बुधवार को और बिगड़ गई। वह जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान पिछले 11 दिनों से अनशन पर बैठे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अनशन के कारण उनका वजन 7 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

नई दिल्ली: शिक्षाविद, नवोन्मेषक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी अनशन के 11वें दिन उनके स्वास्थ्य में और गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, उनका वजन सात किलोग्राम से अधिक घट चुका है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है।

सोनम वांगचुक वर्तमान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। यह प्रदर्शन कथित परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक के मामलों और जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रभावित छात्रों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की है।

स्वास्थ्य बुलेटिन में क्या सामने आया?

बुधवार सुबह जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक का वजन घटकर 59.40 किलोग्राम रह गया है। अनशन शुरू होने के बाद से उनके वजन में कुल सात किलोग्राम से अधिक की कमी दर्ज की गई है, जिसे डॉक्टर गंभीर संकेत मान रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, बैठी हुई अवस्था में उनका रक्तचाप 103/68 mmHg और लेटी हुई स्थिति में 111/73 mmHg दर्ज किया गया। 

उनकी हृदय गति 74 धड़कन प्रति मिनट रही, जबकि रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर 75 mg/dL रिकॉर्ड किया गया। ऑक्सीजन सैचुरेशन 98 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो फिलहाल सामान्य सीमा में है। डॉक्टरों के अनुसार, शरीर में पानी की मात्रा अभी संतुलित है और सोनम वांगचुक मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं। हालांकि, लंबे समय तक जारी भूख हड़ताल के कारण उनके स्वास्थ्य पर लगातार प्रभाव पड़ रहा है, इसलिए चिकित्सकीय निगरानी जारी रखी गई है।

Sonam Wangchuk Health Update: अनशन के 11वें दिन बिगड़ी सेहत, 7 किलो से ज्यादा घटा वजन

किस मुद्दे पर चल रहा है प्रदर्शन?

जंतर-मंतर पर जारी यह प्रदर्शन पिछले 19 दिनों से चल रहा है। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि देश में बार-बार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक और कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। प्रदर्शन में शामिल संगठन का कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए। 

साथ ही, आंदोलन से जुड़े नेताओं ने मांग की है कि परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए। संगठन का दावा है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।

हाई कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

इसी बीच आंदोलन से जुड़े संगठन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लगी रोक हटाने के संबंध में आए न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। संगठन के प्रतिनिधियों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आंदोलन की आवाज को मजबूती देने वाला कदम बताया। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह फैसला आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण है और इससे उनकी बात अधिक लोगों तक पहुंच सकेगी। उन्होंने दोहराया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाना है।

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