सोनिया गांधी ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए केंद्र से तुरंत कार्रवाई की मांग की। प्रियंका गांधी वाड्रा ने निष्क्रियता पर सवाल उठाए और विपक्ष ने संसद में प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग का आग्रह किया।
New Delhi: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया कि छोटे बच्चे साँस लेने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, वहीं बुजुर्ग भी प्रदूषण के कारण परेशान हैं।
सोनिया गांधी ने कहा कि यह सिर्फ़ राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि देशवासियों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाए जाएँ। उनका कहना था कि हर साल सिर्फ बयानबाज़ी होती है, लेकिन कोई वास्तविक कार्रवाई नहीं होती।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी केंद्र की निष्क्रियता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहता। प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार प्रदूषण कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी, तो विपक्ष उसका समर्थन करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संकट में सहयोग की ज़रूरत है, न कि राजनीतिक विवाद की।
प्रियंका गांधी ने लोगों से भी अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वायु के महत्व को समझें। उन्होंने बताया कि दिल्ली और एनसीआर में हाल की स्थिति बच्चों के लिए खतरनाक है और वृद्ध नागरिकों को सांस लेने में गंभीर कठिनाइयाँ हो रही हैं।
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संसद में विपक्ष का प्रदर्शन
वहीं, विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में भी वायु प्रदूषण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने ऑक्सीजन मास्क पहने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए बैनर पकड़ा, जिस पर लिखा था, "मौसम का मज़ा लीजिए"। यह टिप्पणी संसद के शीतकालीन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद आई, जिसमें उन्होंने मौसमी परिस्थितियों पर चर्चा की थी।
विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी भी शामिल हुईं। सांसदों ने नारे लगाते हुए वायु प्रदूषण पर संसदीय चर्चा की मांग की। उनका कहना था कि देशवासियों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बच्चों और बुजुर्गों पर प्रभाव
सोनिया गांधी ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों में अस्थमा जैसी बीमारियाँ बढ़ रही हैं और उन्हें घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। बुजुर्गों के लिए भी यह स्थिति कठिनाई पैदा कर रही है। सोनिया गांधी ने जोर दिया कि सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम सभी देशवासियों के स्वास्थ्य के प्रति जवाबदेह हैं। बच्चों का दम घुट रहा है और यह स्थिति केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं है। उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है।









