दक्षिण कोरिया के इंचियोन शहर के एक शॉपिंग मॉल में चाकूबाजी की घटना में आठ लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए कमजोर दिखने वाले लोगों को निशाना बनाया। राहगीरों ने उसे पकड़ने में मदद की।
इंचियो: दक्षिण कोरिया के इंचियोन शहर में एक शॉपिंग मॉल के भीतर चाकू से हमला करने के मामले में गिरफ्तार व्यक्ति ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह समाज का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहता था। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को हुई इस घटना में छह महिलाएं और दो पुरुष घायल हुए। आरोपी ने कथित तौर पर ऐसे लोगों को निशाना बनाया, जिन्हें वह शारीरिक रूप से अपने से कमजोर समझता था। मॉल में मौजूद लोगों ने कुर्सियों की मदद से उसे काबू करने में पुलिस की सहायता की। घायलों में एक 19 वर्षीय व्यक्ति की हालत गंभीर बताई गई है।
इंचियोन के मॉल में कैसे हुआ हमला?
यह घटना मंगलवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:40 बजे इंचियोन की एक व्यावसायिक इमारत में हुई। इस इमारत में होमप्लस सुपरमार्केट सहित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी मॉल के अलग-अलग हिस्सों में घूमते हुए लोगों पर चाकू से हमला करता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उसने फूड कोर्ट से लेकर ऊपरी मंजिलों तक लोगों को निशाना बनाया। इस दौरान मॉल में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
हमले में कुल आठ लोग घायल हुए, जिनमें छह महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। घटना के बाद पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। घायलों को अस्पतालों में पहुंचाया गया और आरोपी को लोगों की मदद से पकड़ लिया गया।
आरोपी ने कहा- कमजोर दिखने वाले लोगों को चुना
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने कहा कि उसका उद्देश्य लोगों का ध्यान आकर्षित करना और समाज के सामने अपनी शिकायतें रखना था।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, उसने दावा किया कि उसने किसी खास व्यक्ति को पहले से निशाना नहीं बनाया था। इसके बजाय, वह उन लोगों को चुन रहा था, जो उसे शारीरिक रूप से अपने से कमजोर दिखाई दिए।
आरोपी ने कथित तौर पर यह भी कहा कि उसका इरादा किसी की हत्या करना नहीं था। हालांकि, उसके बयान से हमले की गंभीरता कम नहीं होती। पुलिस घटना की परिस्थितियों और उसके पीछे के वास्तविक उद्देश्य की जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी का एक स्थानीय अस्पताल से विवाद था। उसने दावा किया कि एथलीट्स फुट यानी पैरों में होने वाले फंगल संक्रमण के इलाज के बाद भी उसके लक्षणों में सुधार नहीं हुआ था। पुलिस इस शिकायत और हमले के बीच संभावित संबंध की पड़ताल कर रही है।
अस्पताल के खिलाफ पहले भी किया था विरोध
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सितंबर में संबंधित अस्पताल के बाहर हथियार लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय भी पुलिस ने उससे पूछताछ की थी।
अब जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अस्पताल को लेकर उसकी नाराजगी ने मॉल में हमले के फैसले को प्रभावित किया या नहीं। फिलहाल, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
मामले में आरोपी के बयानों के साथ-साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस की जांच से हमले की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट होने की उम्मीद है।
एक घायल की हालत गंभीर, वेंटिलेटर पर रखा गया
हमले में घायल 19 वर्षीय व्यक्ति को अस्पताल ले जाते समय कार्डियक अरेस्ट की स्थिति का सामना करना पड़ा। उसे आपातकालीन सर्जरी से गुजरना पड़ा और रिपोर्ट के मुताबिक, वह बेहोश था तथा वेंटिलेटर पर रखा गया था।
अन्य घायलों में से पांच का स्थानीय अस्पतालों में इलाज किया जा रहा था, जबकि दो लोग घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। घायलों की स्थिति के बारे में आगे की चिकित्सकीय जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था में किसी विशिष्ट चूक को हादसे का कारण बताना उचित नहीं होगा।
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लोगों ने कुर्सियों से आरोपी को पकड़ने में मदद की
प्रत्यक्षदर्शी ना ह्योन-जून ने OBS टेलीविजन को बताया कि उन्होंने आरोपी को रोकने के लिए कई अन्य लोगों के साथ मिलकर प्रयास किया।
उनके मुताबिक, उन्होंने आरोपी को दूसरी मंजिल के फूड कोर्ट में करीब चार लोगों पर हमला करते देखा। इसके बाद वह तीसरी मंजिल की ओर बढ़ा, जहां उसने कम से कम एक महिला पर हमला किया।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि आरोपी चौथी मंजिल पर स्थित मल्टीप्लेक्स सिनेमा की ओर जाने लगा। एस्केलेटर के ऊपरी हिस्से में कुछ लोगों ने कुर्सियां लेकर उसका रास्ता रोका। इस दौरान नीचे की ओर मौजूद लोगों ने भी उसे घेरने में मदद की।
ना ह्योन-जून के अनुसार, लोगों ने कुर्सियों की मदद से आरोपी को काबू किया और उसके पास मौजूद चाकू हटाए। उनके बयान के मुताबिक, आरोपी बिना कुछ कहे सामने आने वाले लोगों पर हमला कर रहा था।
इंचियोन के मेयर पार्क चान-डे ने सोशल मीडिया पर कहा कि कुछ लोगों ने अपनी सुरक्षा जोखिम में डालकर आरोपी को रोकने और आगे होने वाले नुकसान को कम करने में मदद की। शहर प्रशासन ऐसे लोगों को सम्मानित करने के तरीकों पर विचार कर रहा था।
आरोपी का हिंसक अतीत और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी
दक्षिण कोरिया के न्याय मंत्रालय के मुताबिक, आरोपी का पहले भी हिंसा से जुड़ा इतिहास रहा है और उसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं। मंत्रालय ने बताया कि वह इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के अधीन था।
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उसे 2015 में हत्या के प्रयास के मामले में चार साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। 2019 में उसे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में रखा गया था। अधिकारियों के मुताबिक, निगरानी की अवधि में उसने कोई अन्य अपराध नहीं किया था।
न्याय मंत्रालय ने यह भी बताया कि हमले वाले दिन आरोपी ने सुबह 10 बजे से 11 बजे तक काउंसलिंग सत्र में हिस्सा लिया था। इसके बाद वह सुबह 11:20 से 11:55 बजे तक अपने प्रोबेशन अधिकारी से मिला।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने दवा ली थी और दोपहर करीब 12:30 बजे तक उसके साथ भोजन भी किया था। अधिकारियों को उसके इलेक्ट्रॉनिक निगरानी उपकरण को नष्ट करने की कोई कोशिश नहीं मिली थी।
इन जानकारियों के बावजूद, उपलब्ध विवरण से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हमले का कारण उसकी मानसिक स्वास्थ्य स्थिति थी। घटना के कारणों का आकलन जांच और विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
दक्षिण कोरिया में सार्वजनिक सुरक्षा पर फिर चर्चा
दक्षिण कोरिया में हत्या की दर कई अन्य देशों के मुकाबले कम रही है, लेकिन हाल के वर्षों में कुछ चर्चित हिंसक घटनाओं ने सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।
इंचियोन की घटना में आम लोगों ने आरोपी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, आठ लोगों के घायल होने और एक व्यक्ति की गंभीर स्थिति ने भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक स्थानों पर आपातकालीन तैयारियों के महत्व को उजागर किया है।
पुलिस अब हमले के उद्देश्य, आरोपी की पृष्ठभूमि और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। घायलों की स्वास्थ्य स्थिति तथा जांच के निष्कर्ष आगे की तस्वीर स्पष्ट करेंगे। फिलहाल, मामले में आरोपी के बयानों को जांच का हिस्सा माना जाना चाहिए, न कि घटना के सभी कारणों का अंतिम प्रमाण।










