Stock Market Crash: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से सहमा बाजार, सेंसेक्स 364 अंक टूटा

Stock Market Crash: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स 364 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर लगातार जारी है और गुरुवार को भी बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में लाल निशान पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की धारणा पर दबाव बनाया।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने घरेलू निवेशकों की धारणा पर असर डाला। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 363.66 अंक यानी करीब 0.47 फीसदी गिरकर 76,391.39 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 126.65 अंक यानी लगभग 0.53 फीसदी की गिरावट के साथ 23,869.60 पर पहुंच गया।

बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक रहा। कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जबकि सीमित संख्या में स्टॉक्स ही बढ़त के साथ कारोबार समाप्त कर पाए।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

निफ्टी 50 इंडेक्स में अडानी एंटरप्राइजेज, श्रीराम फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, अडानी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव बाजार की समग्र कमजोरी को दर्शाता रहा। दूसरी ओर, कुछ शेयरों ने बाजार की गिरावट के बीच निवेशकों को राहत दी। बजाज ऑटो, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस और आयशर मोटर्स बढ़त के साथ बंद हुए। ऑटो सेक्टर में खरीदारी ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक सीमित करने में मदद की।

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा दबाव में रहा और इसमें करीब 1.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर, पीएसयू बैंक और एनर्जी सेक्टर के सूचकांक भी लगभग 1 फीसदी तक कमजोर हुए। मेटल, फार्मा, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। हालांकि, ऑटो सेक्टर ने बाजार के विपरीत प्रदर्शन किया। निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 0.7 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।

Stock Market Crash: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से सहमा बाजार, सेंसेक्स 364 अंक टूटा

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बनी बड़ी चिंता

बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता बढ़ी है। कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी रहने से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर भी दबाव पड़ने की आशंका रहती है।

इससे कंपनियों की लागत और देश के चालू खाते पर भी असर पड़ सकता है। इसी वजह से तेल की कीमतों में तेज उछाल को शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सऊदी तेल टैंकरों पर हमलों से जुड़ी खबरों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से कच्चे तेल के बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव

घरेलू बाजार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की गतिविधियों का भी असर देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने करीब 819 करोड़ रुपये के भारतीय शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। विदेशी पूंजी के लगातार बाहर निकलने से बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। खासतौर पर उस समय जब वैश्विक स्तर पर निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हों और उभरते बाजारों में जोखिम को लेकर सतर्कता बढ़ रही हो।

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