Stock Market Today: GIFT Nifty के कमजोर संकेत, क्या फिर आएगा Black Friday?

Stock Market Today: GIFT Nifty में कमजोरी के संकेत से भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने की आशंका है। क्या सेंसेक्स और निफ्टी में फिर बड़ी गिरावट आएगी?

भारतीय शेयर बाजार में 24 जुलाई को बड़ी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। गिफ्ट निफ्टी में कमजोरी और दुनियाभर के बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के चलते आज का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए 'ब्लैक फ्राइडे' साबित हो सकता है।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार, 24 जुलाई का कारोबारी सत्र चुनौतीपूर्ण रह सकता है। शुरुआती वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कमजोर GIFT Nifty, एशियाई बाजारों में तेज गिरावट, अमेरिकी शेयर बाजार में बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने बाजार के माहौल को 'रिस्क-ऑफ' बना दिया है।

हालांकि, इन संकेतों के आधार पर शेयर बाजार में निश्चित रूप से 'क्रैश' आने की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। लेकिन बाजार के जानकारों के मुताबिक, इन वैश्विक घटनाक्रमों के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी पर शुरुआती दबाव देखने को मिल सकता है। 24 जुलाई की सुबह GIFT Nifty कमजोर कारोबार कर रहा था, जबकि एक दिन पहले भारतीय बाजार लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे।

GIFT Nifty ने दिए कमजोर शुरुआत के संकेत

भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे पहला बड़ा संकेत GIFT Nifty से मिला। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty करीब 23,700 के आसपास कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद स्तर से कमजोरी का संकेत था। इससे घरेलू बाजार में शुक्रवार को गैप-डाउन या कमजोर शुरुआत की आशंका बढ़ी। एक दिन पहले सेंसेक्स करीब 364 अंक टूटकर 76,391 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 में भी लगभग 127 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। दोनों प्रमुख सूचकांकों की लगातार चौथे दिन की गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।

एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली

भारतीय बाजार के लिए दूसरा बड़ा संकेत एशिया से आया। शुक्रवार को प्रमुख एशियाई बाजारों में व्यापक गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई 225 करीब 2.46 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का KOSPI लगभग 3.04 प्रतिशत नीचे था। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 भी करीब 0.57 प्रतिशत कमजोर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट लगभग सपाट से हल्की गिरावट में कारोबार करता दिखा। तेल की कीमतों में उछाल, महंगाई की आशंका और टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली ने एशियाई बाजारों के सेंटीमेंट पर दबाव डाला।

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अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की जोरदार पिटाई

तीसरा बड़ा संकेत अमेरिकी शेयर बाजार से मिला। गुरुवार के कारोबार में डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 0.97 प्रतिशत, S&P 500 लगभग 1.21 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट करीब 2.15 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी ने बाजार को खास तौर पर प्रभावित किया। Alphabet के शेयरों में करीब 7 प्रतिशत और Tesla में लगभग 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे निवेशकों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारी निवेश से मिलने वाले संभावित रिटर्न को लेकर भी सवाल उठे।

Brent Crude फिर 100 डॉलर के पार

चौथा और बेहद अहम संकेत कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ा है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता के बीच Brent crude 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के ऊपर पहुंच गया। रिपोर्टों के मुताबिक, Brent में एक ही सत्र में करीब 7 प्रतिशत तक उछाल आया और कीमत दो महीने के उच्च स्तर तक पहुंची।

कच्चे तेल की महंगाई भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची रहने से महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।

भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की चिंता

पांचवां संकेत मध्य पूर्व से मिल रहा है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों पर संभावित व्यवधान ने वैश्विक निवेशकों के बीच चिंता बढ़ाई है। तेल की कीमतों में तेजी के साथ महंगाई फिर से बड़ा मुद्दा बन सकती है, जिससे वैश्विक ब्याज दरों को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ सकती है। ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। इससे शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ने की संभावना रहती है।

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर

24 जुलाई को भारतीय बाजार में कई कंपनियों के तिमाही नतीजे भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। बाजार की नजर विभिन्न कंपनियों के Q1 FY27 परिणामों, प्रबंधन की टिप्पणियों और आगे के कारोबारी आउटलुक पर रहेगी। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधि और कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

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