सुप्रिया सुले ने NDA में शामिल होने की अटकलों को किया खारिज, INDIA गठबंधन के साथ रहने की दोहराई प्रतिबद्धता

एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने NDA में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी INDIA गठबंधन के साथ है और परिसीमन जैसे मुद्दों पर सामूहिक

एनसीपी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी NDA में शामिल होने नहीं जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी INDIA गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है और परिसीमन सहित सभी राष्ट्रीय मुद्दों पर गठबंधन के साथ मिलकर फैसला करेगी।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में हाल के दिनों में विभिन्न राजनीतिक बैठकों और संभावित समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज रही हैं। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की वरिष्ठ नेता, सांसद और कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने उन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें उनकी पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की संभावना जताई जा रही थी।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा है और भविष्य में भी गठबंधन के साथ मिलकर ही महत्वपूर्ण राजनीतिक और संसदीय मुद्दों पर निर्णय लेगी। उनके इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीति में जारी अटकलों के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

परिसीमन पर अभी कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं

प्रेस वार्ता के दौरान सुप्रिया सुले ने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक विधेयक या अंतिम प्रस्ताव उनके पास नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जब तक कोई औपचारिक प्रस्ताव सामने नहीं आता, तब तक उसके समर्थन या विरोध पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। यदि भविष्य में ऐसा कोई प्रस्ताव आता है तो INDIA गठबंधन के सभी सहयोगी दल मिलकर उस पर विस्तृत चर्चा करेंगे और उसके बाद सामूहिक निर्णय लिया जाएगा। उनका कहना था कि इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक विषय पर सभी राजनीतिक दलों के बीच व्यापक संवाद आवश्यक है।

महिला आरक्षण कानून को पहले लागू करने की मांग

महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित 33 प्रतिशत महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए पहले से पारित कानून को लागू करना अधिक आवश्यक है। उनके अनुसार, वर्तमान समय में न तो INDIA गठबंधन और न ही उनकी पार्टी ने परिसीमन की कोई मांग की है।

अमित शाह और किरण रिजिजू के साथ बैठक का किया उल्लेख

सुप्रिया सुले ने यह भी बताया कि संसद के बजट सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने उन्हें चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी मौजूद थे।

उन्होंने जानकारी दी कि बैठक में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़े एक संभावित सुझाव पर विचार-विमर्श हुआ था। चर्चा के दौरान यह विचार सामने रखा गया था कि सभी राज्यों में मौजूदा लोकसभा सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि की जा सकती है, ताकि भविष्य में परिसीमन के दौरान राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बना रहे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाद में प्रस्तुत किए गए विधायी दस्तावेजों में इस सुझाव का उल्लेख नहीं किया गया।

सुप्रिया सुले ने NDA में शामिल होने की अटकलों को किया खारिज, INDIA गठबंधन के साथ रहने की दोहराई प्रतिबद्धता

सर्वदलीय चर्चा की आवश्यकता पर जोर

सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी पार्टी और INDIA गठबंधन का मानना है कि परिसीमन जैसे बड़े संवैधानिक विषय पर सभी राजनीतिक दलों के बीच व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शरद पवार के नेतृत्व में सरकार को पत्र भी भेजा गया था, जिसमें सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की गई थी। उनके अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय व्यापक सहमति और पारदर्शी संवाद के आधार पर लिए जाने चाहिए।

NDA में शामिल होने की चर्चाओं को बताया निराधार

हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में कई बैठकों के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या एनसीपी (शरद पवार) भविष्य में NDA के साथ जा सकती है। इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी के भीतर इस विषय पर न तो कोई प्रस्ताव है और न ही कोई चर्चा चल रही है। उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के सभी आठ सांसद एकजुट हैं और प्रत्येक महत्वपूर्ण निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाएगा।

एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय पर क्या कहा?

एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर पूछे गए सवाल पर सुप्रिया सुले ने भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अतीत में इस विषय पर कुछ चर्चाएं जरूर हुई थीं, लेकिन वर्तमान समय में इस दिशा में कोई औपचारिक प्रक्रिया या बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पार्टी का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करने पर केंद्रित है।

महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल

सुप्रिया सुले का बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकातों ने चर्चाओं को तेज कर दिया है। हाल ही में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दूसरी ओर मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की विभिन्न राजनीतिक नेताओं से हुई बैठकों ने भी नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलों को जन्म दिया। हालांकि इन बैठकों के एजेंडे को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं की जा रही हैं, लेकिन किसी संभावित गठबंधन परिवर्तन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आगे क्या?

आने वाले समय में परिसीमन, महिला आरक्षण और महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियां राष्ट्रीय राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दे बने रह सकते हैं। फिलहाल सुप्रिया सुले के स्पष्ट बयान से यह संकेत मिलता है कि एनसीपी (शरद पवार) अपने मौजूदा राजनीतिक रुख में किसी तत्काल बदलाव की संभावना नहीं देख रही है। हालांकि भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियां और आधिकारिक निर्णय ही आगे की दिशा तय करेंगे।

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