तमिलनाडु के इरोड में सरकारी स्कूल के शिक्षकों के लिए अलग रखे सांभर में गोबर पाउडर मिलाने का आरोप लगा है। पुलिस ने रसोइया के पति अरुमुगम को गिरफ्तार किया। जांच के अनुसार बच्चों को परोसे गए सांभर में पदार्थ नहीं मिला।
इरोड: तमिलनाडु के इरोड जिले में एक सरकारी स्कूल में शिक्षकों के लिए अलग रखे गए सांभर में कथित तौर पर गोबर पाउडर मिलाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने स्कूल की रसोइया के 48 वर्षीय पति अरुमुगम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी को रसोइया की नौकरी से हटाए जाने के बाद बदला लेने के इरादे से यह कदम उठाया।
यह मामला सत्यमंगलम के पास रामापयलूर स्थित सरकारी मिडिल स्कूल का है, जहां 51 बच्चे पढ़ते हैं। अधिकारियों की जांच में सामने आया कि कथित रूप से मिलाया गया पाउडर केवल शिक्षकों के लिए अलग रखे गए सांभर में पाया गया था। पुलिस और अधिकारियों के अनुसार, छात्रों को परोसे जाने वाले सांभर में यह पदार्थ नहीं मिलाया गया था।
शिक्षिका को सांभर का स्वाद कड़वा लगा
मामला 31 अगस्त को उस समय सामने आया, जब स्कूल की शिक्षिका रेवती ने नाश्ता योजना के तहत तैयार सांभर का स्वाद चखा। उन्हें सांभर का स्वाद असामान्य रूप से कड़वा लगा। इसके बाद उन्होंने स्कूल की हेडमिस्ट्रेस कुमुधा को इसकी जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। सत्यमंगलम ब्लॉक विकास अधिकारी की सलाह पर हेडमिस्ट्रेस ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद अधिकारियों और पुलिस ने स्कूल में तैयार भोजन के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। जांच में कथित रूप से गोबर पाउडर केवल शिक्षकों के लिए अलग रखे गए सांभर के नमूने में मिला। छात्रों के लिए परोसे जाने वाले सांभर में ऐसा पदार्थ नहीं पाए जाने की बात जांच में सामने आई।
छात्रा से खरीदवाया गया गोबर पाउडर
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आरोप है कि अरुमुगम ने स्कूल की एक छात्रा को 10 रुपये दिए थे। कथित तौर पर उसने छात्रा से पास की दुकान से गोबर पाउडर खरीदने और उसे सांभर में मिलाने के लिए कहा था।
पुलिस के मुताबिक, छात्रा ने पहले 5 रुपये का नाश्ता खरीदा और शेष 5 रुपये से गोबर पाउडर खरीदा। इसके बाद कथित तौर पर उसने यह पाउडर शिक्षकों के लिए अलग रखे गए सांभर में मिला दिया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में छात्रा की पहचान या उसकी उम्र का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए उससे संबंधित अतिरिक्त जानकारी के बारे में कोई अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
पत्नी को रसोइया की नौकरी से हटाया गया था
पुलिस के अनुसार, अरुमुगम की पत्नी अलम्मल पहले इसी सरकारी स्कूल में रसोइया के रूप में काम करती थी। खाना बनाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलने के बाद उसे इस काम से हटा दिया गया था।
उसकी जगह स्कूल में दूसरी रसोइया नियुक्त की गई थी। पुलिस का आरोप है कि पत्नी की नौकरी जाने और दूसरी रसोइया की नियुक्ति से अरुमुगम नाराज था। इसी नाराजगी के कारण उसने कथित तौर पर स्कूल के भोजन में गोबर पाउडर मिलाने की योजना बनाई।
पुलिस फिलहाल मामले में आरोपी की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
बच्चों को परोसे गए भोजन में नहीं मिला पदार्थ
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जांच के अनुसार कथित रूप से मिलाया गया पदार्थ छात्रों को परोसे जाने वाले सांभर में नहीं पाया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, शिक्षकों के लिए अलग रखे गए सांभर को पहले चखने के दौरान शिक्षिका रेवती को उसका स्वाद कड़वा लगा। यदि सांभर के स्वाद में यह बदलाव सामने नहीं आता, तो मामले का पता चलने में देरी हो सकती थी।
स्कूल में कुल 51 बच्चों के पढ़ने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, घटना में किसी छात्र के बीमार होने या अस्पताल में भर्ती होने की सूचना नहीं है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
हेडमिस्ट्रेस की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों ने स्कूल में तैयार भोजन और उससे जुड़े नमूनों की जांच की तथा घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अरुमुगम को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और प्रारंभिक जांच के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
मामला सरकारी स्कूल और बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन से जुड़ा होने के कारण स्थानीय स्तर पर भी गंभीर माना जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार कथित रूप से दूषित किया गया सांभर छात्रों को नहीं परोसा गया था।
अरुमुगम को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
सत्यमंगलम पुलिस ने गुरुवार रात अरुमुगम को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे सत्यमंगलम की अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और घटना में उसकी कथित भूमिका से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल पुलिस के आरोप जांच के दायरे में हैं। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं। मामले की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
स्कूल भोजन की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन की सुरक्षा और गुणवत्ता सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे मामलों में भोजन की तैयारी, भंडारण और वितरण की निगरानी की भूमिका अहम होती है।
रामापयलूर के स्कूल की घटना में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शिक्षकों के लिए अलग रखे गए सांभर में कथित रूप से बाहरी पदार्थ मिलाया गया था और समय रहते इसका पता चल गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की पूरी योजना क्या थी और आरोपी की भूमिका कितनी व्यापक थी।
इस मामले में आगे की जांच से यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कथित तौर पर छात्रा को किस तरह शामिल किया गया और स्कूल परिसर में भोजन तक उसकी पहुंच कैसे हुई।
फिलहाल मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि कथित रूप से गोबर पाउडर शिक्षकों के लिए अलग रखे गए सांभर में मिला था और जांच के अनुसार बच्चों को परोसे गए भोजन में यह पदार्थ नहीं था। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब अदालत और जांच प्रक्रिया के अगले चरण पर नजर रहेगी।










