Tarang Shakti 2026: आसमान में एक साथ गरजे कई देशों के विमान, भारतीय वायुसेना ने साझा किया शानदार वीडियो

Tarang Shakti 2026 में कई देशों के लड़ाकू विमानों ने भारतीय आसमान में एक साथ उड़ान भरी। भारतीय वायुसेना ने इस शानदार एयर एक्सरसाइज का वीडियो साझा किया है।

भारतीय वायुसेना ने एक्सरसाइज तरंग शक्ति 2026 का नया वीडियो साझा किया है। इसमें अभ्यास में शामिल अलग-अलग देशों के विमान एक साथ उड़ते और साझा फॉर्मेशन बनाते नजर आ रहे हैं।

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास तरंग शक्ति 2026 का एक नया वीडियो साझा किया है, जिसमें भारत समेत कई देशों के सैन्य विमान एक साथ आसमान में उड़ान भरते नजर आ रहे हैं। अलग-अलग देशों के लड़ाकू, परिवहन और अन्य सैन्य विमान एक साझा फॉर्मेशन में दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य न केवल अभ्यास के व्यापक स्तर को दिखाता है, बल्कि इसमें शामिल वायुसेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त संचालन की क्षमता को भी सामने लाता है।

भारतीय वायुसेना ने इस फॉर्मेशन को विश्वास, सटीकता और आपसी सहयोग का प्रतीक बताया है। वीडियो में विभिन्न देशों के विमानों का एक साथ उड़ना इस बात को दर्शाता है कि आधुनिक हवाई अभियानों में अलग-अलग वायुसेनाओं के बीच तालमेल कितना महत्वपूर्ण हो गया है।

क्या है तरंग शक्ति 2026?

तरंग शक्ति 2026 भारतीय वायुसेना की मेजबानी में आयोजित एक बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है। इसका आयोजन राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर किया जा रहा है। यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा। इस वर्ष अभ्यास की थीम ‘पावर इन पार्टनरशिप’ यानी ‘साझेदारी में शक्ति’ रखी गई है।

भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायुसेनाएं इसमें भाग ले रही हैं। कुछ अन्य मित्र देशों के प्रतिनिधि पर्यवेक्षक के रूप में अभ्यास से जुड़े हैं। इस तरह तरंग शक्ति 2026 को भारत में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यासों में शामिल किया जा रहा है।

संयुक्त प्रशिक्षण और बेहतर तालमेल पर जोर

तरंग शक्ति का उद्देश्य केवल विमानों की ताकत का प्रदर्शन करना नहीं है। अभ्यास के दौरान अलग-अलग देशों के एयरक्रू, मिशन प्लानर और ऑपरेशनल सपोर्ट से जुड़े कर्मचारी एक-दूसरे के साथ काम कर रहे हैं। इसका लक्ष्य विभिन्न वायुसेनाओं की संचालन प्रक्रियाओं को समझना और संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल विकसित करना है।

अलग-अलग देशों के विमानों और एयरक्रू की अपनी तकनीकी प्रक्रियाएं, संचार व्यवस्था और ऑपरेशनल तरीके होते हैं। ऐसे में एक ही हवाई क्षेत्र में कई देशों के विमानों को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से संचालित करना व्यापक योजना और समन्वय की मांग करता है। तरंग शक्ति इसी तरह की संयुक्त क्षमताओं को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।

F-35, राफेल और F-16 समेत कई विमान शामिल

इस अभ्यास में कई आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ सैन्य परिवहन और हवा में ईंधन भरने वाले विमान भी हिस्सा ले रहे हैं। विदेशी विमानों में F-35A लाइटनिंग II, राफेल, F-16, A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A जैसे विमान शामिल हैं। अमेरिकी F-35A लाइटनिंग II की भागीदारी को इस अभ्यास की प्रमुख विशेषताओं में गिना जा रहा है। 

भारत में किसी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में F-35 की भागीदारी पहली बार होने के कारण इसे विशेष महत्व मिला है। इसके जरिए भारतीय वायुसेना और अमेरिकी वायुसेना के बीच संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर भी बढ़ता है।

जर्मनी का A400M भी अभ्यास का अहम हिस्सा

तरंग शक्ति 2026 में जर्मनी का A400M सैन्य परिवहन विमान भी शामिल है। यह विमान अपनी भारी परिवहन क्षमता के लिए जाना जाता है, लेकिन इस अभ्यास में इसकी भूमिका केवल सैनिकों या सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है।

जर्मन वायुसेना के कैप्टन मॉरिस बर्न्स के अनुसार, A400M को इस बार बड़े लड़ाकू विमान अभियानों के साथ भी जोड़ा जा रहा है। इसे लार्ज फोर्स एंगेजमेंट के तहत देखा जा रहा है। इसका मतलब है कि परिवहन विमान भी बड़े संयुक्त हवाई अभियानों का हिस्सा बनकर अन्य लड़ाकू विमानों के साथ समन्वय का अभ्यास कर रहा है।

जर्मन वायुसेना A400M को अपने राष्ट्रीय विमान बेड़े की रीढ़ मानती है। यह विमान भारी माल ढोने के साथ सामरिक और लॉजिस्टिक दोनों तरह के अभियानों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

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