तारिक रहमान के सत्ता संभालते ही भारत-बांग्लादेश संबंधों में नरमी, वीजा प्रक्रिया फिर होगी शुरू

बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद भारत सभी वीजा सेवाएं बहाल करने की तैयारी में है। मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा पहले ही जारी हो रहे हैं।

बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद भारत ने सभी वीजा सेवाएं फिर शुरू करने की तैयारी शुरू की है। मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा जारी हो रहे हैं। ट्रैवल वीजा भी जल्द बहाल होने की उम्मीद है।

Dhaka: बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं। प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सत्ता संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर भारत ने बांग्लादेश में सभी वीजा सेवाएं दोबारा शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के संबंध नाजुक दौर से गुजर रहे थे, लेकिन अब हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी थी। इस दौरान अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरें भी सामने आई थीं, जिससे भारत की चिंता बढ़ी थी। इन हालातों का असर दोनों देशों के कूटनीतिक और जनसंपर्क संबंधों पर भी पड़ा था।

पूरी तरह वीजा सेवाएं बहाल करने की तैयारी

bdnews24 की रिपोर्ट के अनुसार, सिलहट में भारत के सीनियर कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने जानकारी दी कि सभी वीजा सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने सिलहट जिला प्रेस क्लब में कहा कि मेडिकल वीजा और डबल-एंट्री वीजा पहले ही जारी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ट्रैवल वीजा और अन्य श्रेणियों को भी जल्द बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत की ओर से वीजा प्रक्रिया को आसान और सुचारु बनाने के लिए अधिकतम सहयोग दिया जाएगा। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच आवाजाही फिर से सामान्य हो सकेगी।

आपसी सम्मान पर आधारित रिश्ते

सिलहट में भारतीय सहायक उच्चायुक्त ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के संबंध आपसी सम्मान और गौरव की मजबूत नींव पर टिके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वीजा सुविधा केवल यात्रा की अनुमति नहीं है, बल्कि यह द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

तारिक रहमान के सत्ता संभालते ही भारत-बांग्लादेश संबंधों में नरमी, वीजा प्रक्रिया फिर होगी शुरू

उनके मुताबिक स्थिर, सकारात्मक, रचनात्मक और दीर्घकालिक संबंधों के लिए दोनों देशों के लोग सबसे बड़े हितधारक हैं। भारत और बांग्लादेश की सोच कई मुद्दों पर एक जैसी है और दोनों देश क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं।

छात्र नेता की मौत के बाद बिगड़े थे हालात

भारत और बांग्लादेश के बीच वीजा सेवाएं उस समय निलंबित कर दी गई थीं जब छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों में भारत विरोधी नारे भी लगाए गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था।

हालात बिगड़ने के बाद भारतीय वीजा केंद्रों ने बांग्लादेश में अपना परिचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इससे हजारों लोगों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई थीं, खासकर वे लोग जो इलाज, शिक्षा या पारिवारिक कारणों से भारत आना चाहते थे।

शेख हसीना के जाने के बाद बढ़ा तनाव

जुलाई 2024 में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था। इसके बाद राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदला और देश में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई। विरोध प्रदर्शनों के दौरान हालात इतने बिगड़ गए थे कि शेख हसीना को भारत आना पड़ा।

प्रधानमंत्री मोदी का निमंत्रण

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को उनके परिवार सहित भारत आने का निमंत्रण दिया है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और बांग्लादेश करीबी पड़ोसी हैं और दोनों देशों के बीच साझा इतिहास, सांस्कृतिक संबंध और शांति व समृद्धि की आकांक्षाएं गहरी मित्रता का आधार हैं। विकासात्मक प्राथमिकताओं में समानता भविष्य के सहयोग के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत बनेगी।

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