Tejashwi Yadav ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर National Democratic Alliance सरकार पर तीखा हमला किया है। सोमवार (27 अप्रैल 2026) को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि बिहार की महिलाओं के साथ सरकार ने विश्वासघात किया है और योजनाओं के नाम पर झूठे वादों के जरिए उनकी भावनाओं का इस्तेमाल किया गया है।
पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है, जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और विपक्ष के प्रमुख चेहरे तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर सरकार पर “विश्वासघात” और “चुनावी धोखाधड़ी” का आरोप लगाया है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य की महिलाओं के साथ वादों के नाम पर छल किया गया है और चुनावी लाभ लेने के लिए योजनाओं का इस्तेमाल किया गया।
“महिलाओं के साथ धोखा किया गया”: तेजस्वी यादव का आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार की महिलाओं को जिस आर्थिक सहायता का वादा किया गया था, वह पूरी तरह लागू नहीं किया गया। उनके अनुसार:
- लगभग 18 लाख पंजीकृत महिलाओं को पहली किस्त नहीं मिली
- करोड़ों जीविका दीदियों को दूसरी किस्त का लाभ नहीं मिला
- चुनाव के समय किए गए वादे पूरे नहीं किए गए
उन्होंने कहा कि यह योजना जनता को प्रभावित करने के लिए बनाई गई थी, न कि वास्तविक विकास के लिए।
“चुनाव में पैसे देकर प्रभावित करने की कोशिश”: विपक्ष का दावा
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि चुनावी अवधि के दौरान सरकार ने महिलाओं के बैंक खातों में ₹10,000 ट्रांसफर किए ताकि मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- मतदान के समय योजनाओं के जरिए दबाव बनाया गया
- मतदाताओं को धमकाने की कोशिश की गई
- भविष्य की किश्तों के नाम पर वोट आकर्षित किए गए
उनका कहना है कि चुनाव खत्म होने के बाद वादे अधूरे रह गए।
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“18 लाख महिलाओं को नहीं मिला लाभ”
तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत:
- 18 लाख महिलाओं को पहली किश्त नहीं मिली
- 1.81 करोड़ जीविका दीदियों को दूसरी किश्त नहीं मिली
उन्होंने सरकार पर गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया।
NDA सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप
तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति पहले से ही कमजोर है और इसके बावजूद चुनाव के समय भारी खर्च किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- लगभग ₹41,000 करोड़ का वितरण चुनावी रणनीति के तहत किया गया
- यह राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए “जोखिम भरा कदम” था
- सरकार ने जनहित की बजाय राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दी
- युवाओं और विकास पर भी सवाल
अपने बयान में तेजस्वी यादव ने केवल महिलाओं की योजना ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
- युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए
- शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था कमजोर हुई
- कृषि क्षेत्र में भी पर्याप्त निवेश नहीं हुआ
उनका दावा है कि राज्य में प्रशासनिक अस्थिरता बढ़ रही है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि महिला सशक्तिकरण योजनाओं को राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया गया।










