तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026 की तैयारियां नवंबर के अंत तक पूरी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने भारत फ्यूचर सिटी में यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य की समीक्षा भी की।
हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सम्मेलन से जुड़ी सभी प्रमुख तैयारियां नवंबर के अंत तक पूरी हो जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर का होना चाहिए, ताकि भारत और विदेशों से उद्योगपतियों, उद्यमियों और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।
19 अक्टूबर 2026 को भारत फ्यूचर सिटी के दौरे के दौरान रेवंत रेड्डी ने निर्माणाधीन यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा से कम से कम 15 दिन पहले काम पूरा करने को कहा। जरूरत पड़ने पर निर्माण स्थल पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का सुझाव भी दिया।
यह समिट तेलंगाना सरकार के लिए निवेश आकर्षित करने और राज्य को कारोबारी गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। ऐसे में आयोजन स्थल के बुनियादी ढांचे से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक, सभी काम तय समय पर पूरे करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
7 से 9 दिसंबर तक होगा इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट
इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट 2026 का आयोजन 7 से 9 दिसंबर तक भारत फ्यूचर सिटी में प्रस्तावित है। यह स्थान हैदराबाद के बाहरी क्षेत्र में स्थित तेलंगाना सरकार की भविष्य की शहरी विकास योजनाओं से जुड़ा हुआ है। सम्मेलन का उद्देश्य राज्य में निवेश की संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन की व्यवस्थाएं ऐसी हों, जो देश और विदेश से आने वाले निवेशकों तथा उद्योगपतियों पर सकारात्मक प्रभाव डालें। सरकार इस मंच के माध्यम से तेलंगाना की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसरों और विकास योजनाओं को प्रदर्शित करना चाहती है।
रेवंत रेड्डी ने तैयारियों को केवल एक औपचारिक सम्मेलन तक सीमित नहीं रखने पर जोर दिया। उनके अनुसार, आयोजन की योजना व्यवस्थित होनी चाहिए और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के साथ काम किया जाना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 नवंबर तक खुले आयोजन स्थल का काम पूरा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल के खुले हिस्सों से संबंधित कार्यों को 15 नवंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके बाद नवंबर के अंतिम दिन तक सम्मेलन की अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, खुले परिसर का काम पूरा करने और दिसंबर में होने वाले आयोजन के बीच सीमित समय उपलब्ध होगा। इसलिए निर्माण में देरी से बचने के लिए अधिकारियों को काम की गति बढ़ाने को कहा गया है।
रेवंत रेड्डी ने यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के निर्माण की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि काम को तेज किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त श्रमिक लगाए जाएं। उनका जोर इस बात पर था कि विश्वविद्यालय परिसर सम्मेलन के आयोजन से पहले तैयार हो जाए और अंतिम समय में व्यवस्थाओं को लेकर परेशानी न हो।
इन निर्देशों का उद्देश्य आयोजन स्थल की तैयारी और सम्मेलन की व्यवस्थाओं को एक साथ आगे बढ़ाना है। हालांकि, निर्धारित समयसीमा तक सभी कार्य पूरे हो पाएंगे या नहीं, यह निर्माण की वास्तविक प्रगति और संबंधित विभागों के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी का निर्माण भी प्राथमिकता
भारत फ्यूचर सिटी में निर्माणाधीन यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी इस दौरे का एक प्रमुख केंद्र रही। मुख्यमंत्री ने परिसर में चल रहे कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
विश्वविद्यालय का निर्माण राज्य में कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी शिक्षा को बढ़ावा देने की व्यापक योजना का हिस्सा है। फिलहाल, इसी परिसर में ग्लोबल समिट आयोजित करने की योजना है, इसलिए निर्माण कार्य का समय पर पूरा होना आयोजन की तैयारी से भी जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत हो, तो उनकी व्यवस्था की जाए। इसका मकसद निर्माण की रफ्तार बढ़ाना और कार्यक्रम से पहले परिसर को तैयार करना है।
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तैयारियों की निगरानी के लिए समिति बनाने के निर्देश
सम्मेलन की व्यवस्थाओं को लगातार परखने और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक समिति गठित करने का भी निर्देश दिया है। यह समिति तैयारियों की निगरानी करेगी, ताकि समयसीमा के अनुसार काम आगे बढ़े और समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन में निर्माण, परिसर प्रबंधन, आगंतुकों की सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है। समिति के गठन का उद्देश्य इन्हीं तैयारियों की नियमित समीक्षा करना और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
हालांकि, समिति की संरचना, सदस्यों और उसकी विस्तृत जिम्मेदारियों का पूरा ब्योरा उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दिया गया है। फिलहाल मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तैयारी की प्रक्रिया तेज करने और निर्धारित समय में सभी जरूरी काम पूरे करने पर जोर दिया है।
भारत फ्यूचर सिटी में अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा
अपने दौरे के दौरान रेवंत रेड्डी ने इब्राहिमपट्टनम में नवनिर्मित फ्यूचर सिटी पुलिस कमिश्नरेट भवन का उद्घाटन भी किया। इसके अलावा, उन्होंने भारत फ्यूचर सिटी में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन मैनेजमेंट (NIUM) के प्रस्तावित परिसर की आधारशिला रखी।
इन गतिविधियों से स्पष्ट है कि सरकार भारत फ्यूचर सिटी में केवल ग्लोबल समिट की तैयारियों पर ही नहीं, बल्कि संस्थागत और शहरी विकास से जुड़े कार्यों पर भी ध्यान दे रही है। पुलिस कमिश्नरेट का उद्देश्य तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की व्यवस्था को मजबूत करना है, जबकि NIUM का प्रस्तावित परिसर शहरी प्रबंधन से जुड़े संस्थागत विकास का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। हालांकि, इन सभी परियोजनाओं की अलग-अलग समयसीमाओं और लागत का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
निवेश आकर्षित करने की रणनीति पर सरकार का जोर
तेलंगाना सरकार ग्लोबल समिट के माध्यम से राज्य को निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है। इस तरह के सम्मेलन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और सरकारी अधिकारियों को एक मंच पर लाने का अवसर देते हैं। इनके जरिए निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और व्यावसायिक सहयोग पर चर्चा हो सकती है।
लेकिन किसी निवेश सम्मेलन की सफलता केवल आयोजन की भव्यता या व्यवस्थाओं पर निर्भर नहीं करती। वास्तविक परिणाम इस बात से भी तय होते हैं कि निवेशकों के साथ कितने ठोस समझौते होते हैं, कितनी परियोजनाएं आगे बढ़ती हैं और घोषित निवेश जमीन पर कितना उतरता है।
इसलिए दिसंबर में होने वाले सम्मेलन के लिए नवंबर की समयसीमा महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार को आयोजन स्थल की तैयारी के साथ निवेशकों के लिए स्पष्ट जानकारी और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना होगा।
नवंबर की समयसीमा पर टिकी नजरें
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब आयोजन स्थल और यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों की प्रगति पर नजर रहेगी। खुले परिसर के लिए 15 नवंबर और सभी तैयारियों के लिए नवंबर के अंत की समयसीमा तय की गई है। ग्लोबल समिट 7 से 9 दिसंबर तक आयोजित होना है।
सरकार के सामने चुनौती है कि निर्धारित समय में निर्माण और आयोजन संबंधी काम पूरे हों तथा सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप तैयार किया जा सके। आने वाले सप्ताहों में कार्यों की गति, विभागों के बीच समन्वय और निगरानी व्यवस्था इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
फिलहाल, रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि तैयारियों में देरी नहीं होनी चाहिए। सम्मेलन के आयोजन और निवेश आकर्षित करने के राज्य सरकार के प्रयासों का वास्तविक आकलन कार्यक्रम के पूरा होने और उसके बाद सामने आने वाले निवेश परिणामों से किया जा सकेगा।









