तेलंगाना के खम्मम में सरकारी स्कूल बंद: ठेकेदार ने बकाया भुगतान को लेकर स्कूल में लगाया ताला

तेलंगाना के खम्मम के सरकारी स्कूल में बकाया भुगतान न मिलने पर ठेकेदार ने ताला लगा दिया। कक्षाएं बाधित हुईं और छात्रों को आंगनवाड़ी केंद्र में शिफ्ट करना पड़ा।

खम्मम के दानावैगुड़ेम स्थित सरकारी स्कूल में मरम्मत भुगतान न मिलने पर ठेकेदार ने स्कूल में ताला लगा दिया। इससे कक्षाएं बाधित हुईं और छात्रों को पास के आंगनवाड़ी केंद्र में अस्थायी रूप से पढ़ाई के लिए शिफ्ट किया गया।

खम्मम: तेलंगाना के खम्मम शहर के दानवाइगुड़ेम इलाके में स्थित एक सरकारी स्कूल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक ठेकेदार ने स्कूल परिसर के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। यह कदम ठेकेदार द्वारा सरकार पर बकाया भुगतान न करने के विरोध में उठाया गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम के कारण स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई और छात्र-छात्राएं तथा शिक्षक स्कूल परिसर के बाहर ही खड़े रह गए।

‘मना ऊरु–मना बाड़ी’ योजना के तहत काम का विवाद

जानकारी के अनुसार, यह विवाद राज्य सरकार की ‘मना ऊरु–मना बाड़ी’ योजना के तहत किए गए मरम्मत कार्यों के भुगतान को लेकर है। ठेकेदार का आरोप है कि उसने स्कूल के मरम्मत और नवीनीकरण कार्य कई महीने पहले पूरा कर दिया था, लेकिन लगभग 11 लाख रुपये का बकाया भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। बार-बार अधिकारियों से संपर्क करने और अनुरोध करने के बावजूद भुगतान न मिलने से वह आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।

स्कूल परिसर में ताला लगने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगे होने के कारण छात्र और शिक्षक परिसर के अंदर प्रवेश नहीं कर सके। सुबह स्कूल पहुंचे बच्चे बाहर इंतजार करते रहे, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए बच्चों को पास के आंगनवाड़ी केंद्र में स्थानांतरित कर दिया। वहीं अस्थायी रूप से वहीं कक्षाएं संचालित की गईं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।

ठेकेदार का विरोध और प्रदर्शन

ठेकेदार चला अयोध्या ने आरोप लगाया कि भुगतान में लगातार देरी के कारण उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। विरोध के तौर पर उसने स्कूल का गेट बंद कर दिया और अपने परिवार के सदस्यों के साथ प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन के दौरान उसने पेट्रोल की बोतल दिखाकर प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द बकाया राशि जारी नहीं की गई तो वह आंदोलन को और तेज करेगा।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने ठेकेदार से बातचीत कर उसे शांत करने और स्कूल का ताला खोलने की अपील की। बातचीत के जरिए हालात को सामान्य करने की कोशिश की गई, हालांकि ठेकेदार अपनी मांगों पर अड़ा रहा और तत्काल भुगतान की मांग करता रहा।

तेलंगाना के खम्मम में सरकारी स्कूल बंद: ठेकेदार ने बकाया भुगतान को लेकर स्कूल में लगाया ताला

अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता

इस घटना ने स्थानीय अभिभावकों और निवासियों में चिंता पैदा कर दी है। सरकारी स्कूल के अचानक बंद होने और बच्चों की पढ़ाई बाधित होने से लोगों में नाराजगी देखी गई। कई अभिभावकों ने कहा कि सरकारी भुगतान विवाद का असर सीधे बच्चों की शिक्षा पर नहीं पड़ना चाहिए और ऐसे मामलों को प्रशासनिक स्तर पर तुरंत हल किया जाना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा असर

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी परियोजनाओं में भुगतान में देरी और उससे उत्पन्न प्रशासनिक समस्याओं को उजागर किया है। स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थान का इस तरह बंद हो जाना न केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी असर डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ठेकेदारों के भुगतान विवाद को अलग प्रक्रिया के तहत हल किया जाना चाहिए ताकि शैक्षणिक गतिविधियां बाधित न हों।

ठेकेदार का दावा और वित्तीय संकट

ठेकेदार का कहना है कि उसने सभी मरम्मत कार्य समय पर और निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे किए थे। इसके बावजूद उसे महीनों से भुगतान नहीं मिला, जिसके कारण उसे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उसने यह भी आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों को आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

घटना के बाद प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों द्वारा मामले की जांच और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश होगी।

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