क्रिकेट में एक नए फॉर्मेट ‘टेस्ट ट्वेंटी’ की शुरुआत अगले महीने श्रीलंका में होने जा रही है। इस टूर्नामेंट का आयोजन 14 से 29 नवंबर तक कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में किया जाएगा।
स्पोर्ट्स न्यूज़: क्रिकेट में दर्शकों को जल्द ही एक नया प्रारूप देखने को मिल सकता है। ‘टेस्ट ट्वेंटी’ नाम के इस फॉर्मेट का पहला टूर्नामेंट 14 से 29 नवंबर 2026 तक श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में आयोजित करने की योजना है। इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लड़कों और लड़कियों के मुकाबले अलग-अलग खेले जाएंगे, लेकिन दोनों के बनाए गए रन जोड़कर टीम का संयुक्त स्कोर तैयार किया जाएगा। इसी स्कोर के आधार पर विजेता का फैसला होगा।
आयोजकों के मुताबिक, टेस्ट ट्वेंटी को क्रिकेट के एक नए प्रारूप के रूप में पेश किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना और महिला तथा पुरुष क्रिकेटरों के प्रदर्शन को एक ही टीम के नतीजे से जोड़ना है।
टेस्ट ट्वेंटी क्या है?
टेस्ट ट्वेंटी क्रिकेट का प्रस्तावित नया फॉर्मेट है, जिसमें पारंपरिक लाल गेंद और सीमित ओवरों के सफेद गेंद वाले क्रिकेट की विशेषताओं को एक ही दिन के मुकाबले में जोड़ा गया है। इसमें एक मैच कुल 80 ओवर का होगा। पहले 40 ओवर लाल गेंद से दिन के उजाले में खेले जाएंगे, जबकि अगले 40 ओवर सफेद गेंद से फ्लडलाइट्स के नीचे आयोजित होंगे।
इस प्रारूप में चार महाद्वीपीय टीमें हिस्सा लेंगी। प्रत्येक टीम में 40 खिलाड़ी होंगे, जिनमें 20 लड़के और 20 लड़कियां शामिल होंगी। इस तरह पहले टूर्नामेंट में कुल 160 युवा क्रिकेटरों के खेलने की योजना है। खिलाड़ियों की आयु 13 से 21 वर्ष के बीच होगी।
कैसे तय होगा मैच का विजेता?
टेस्ट ट्वेंटी का सबसे अलग नियम इसका संयुक्त स्कोरिंग सिस्टम है। इसमें लड़कों और लड़कियों के मुकाबले अलग-अलग होंगे, लेकिन दोनों के प्रदर्शन को मिलाकर टीम का कुल स्कोर बनाया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी टीम के लड़कों ने अपने मुकाबले में 180 रन बनाए और लड़कियों ने 140 रन जोड़े, तो टीम का संयुक्त स्कोर 320 रन होगा। दूसरी टीम के दोनों वर्गों के कुल रन इससे अधिक या कम होने के आधार पर उसकी स्थिति तय होगी।
इस व्यवस्था को ‘पैरिटी रूल’ कहा गया है। इसके तहत लड़के और लड़कियां अपनी-अपनी पारियों में योगदान देंगे, लेकिन दोनों का प्रदर्शन टीम की जीत या हार पर समान रूप से असर डालेगा। हालांकि, मैच टाई होने, विकेटों की गणना और अन्य परिस्थितियों में नतीजा निकालने के विस्तृत नियमों की जानकारी आधिकारिक नियमावली से स्पष्ट होगी।
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टॉस और 80 ओवर के मैच का प्रारूप
इस फॉर्मेट में टॉस जीतने वाली टीम को बल्लेबाजी के क्रम से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला लेने का अवसर मिलेगा। वह तय कर सकेगी कि पहले लड़कों का मुकाबला खेला जाएगा या लड़कियों का। मैच के दो सत्र होंगे। पहले सत्र में 40 ओवर लाल गेंद से खेले जाएंगे और खिलाड़ी पारंपरिक सफेद पोशाक में नजर आएंगे। इसके बाद फ्लडलाइट्स में सफेद गेंद से अगले 40 ओवर आयोजित होंगे, जिनमें खिलाड़ी रंगीन जर्सी पहनेंगे।
दूसरे सत्र की शुरुआत में स्कोर शून्य से शुरू नहीं होगा। पहले सत्र में बनाए गए रन भी संयुक्त स्कोर में शामिल रहेंगे। इस तरह पूरे दिन का प्रदर्शन निर्णायक होगा और दोनों वर्गों के खिलाड़ियों की जिम्मेदारी टीम के नतीजे से जुड़ी रहेगी।
कब होगा पहला टेस्ट ट्वेंटी टूर्नामेंट?
आयोजित किए जाने वाले पहले टूर्नामेंट का उद्घाटन 14 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। फाइनल 29 नवंबर को खेला जाना है, जबकि 30 नवंबर को रिजर्व डे के तौर पर रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मुकाबलों का प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किए जाने की योजना है। आयोजकों का कहना है कि पांच महाद्वीपों से हजारों युवा खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में जगह बनाने के लिए आवेदन किया था। मैदान पर और ऑनलाइन ट्रायल के माध्यम से चयन प्रक्रिया संचालित की गई। ग्लोबल सिलेक्शन कमेटी की अध्यक्षता भारतीय क्रिकेट कोच राजकुमार शर्मा ने की।
एबी डिविलियर्स और मैथ्यू हेडन जैसी हस्तियां जुड़ीं
टेस्ट ट्वेंटी की सलाहकार समिति में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर एबी डिविलियर्स, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज मैथ्यू हेडन और वेस्टइंडीज के दिग्गज सर क्लाइव लॉयड के शामिल होने की जानकारी दी गई है। टूर्नामेंट के संचालन की जिम्मेदारी माइक फोर्डहैम संभाल रहे हैं। इस पहल के संस्थापक गौरव बहिरवानी के अनुसार, इसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों के लिए एक नया प्रतिस्पर्धी मंच तैयार करना है। उन्होंने इस प्रारूप को ऐसा प्रयोग बताया, जिसमें पहली बार लड़के और लड़कियां एक ही टीम के संयुक्त परिणाम के लिए खेलेंगे।









