केरल के त्रिशूर में सरकारी यूपी स्कूल की तीन कक्षाएं और स्टेज शुक्रवार को ढह गए। घटना के समय स्कूल में छुट्टी थी, जिससे छात्रों की जान बच गई। स्कूल अधिकारियों ने पास चल रहे हिल हाईवे निर्माण कार्य पर सवाल उठाए।
त्रिशूर: केरल के त्रिशूर जिले में स्थित एक सरकारी स्कूल में शुक्रवार को बड़ा हादसा टल गया। कोडास्सेरी के अथिराप्पिल्ली क्षेत्र के चायपंकुझी स्थित Government UP School की तीन कक्षाएं और एक स्टेज अचानक ढह गए। राहत की बात यह रही कि घटना के समय स्कूल में छुट्टी थी। इस वजह से कक्षाओं में छात्र मौजूद नहीं थे और किसी बड़े जनहानि की सूचना सामने नहीं आई। स्कूल प्रशासन ने इस घटना को गंभीर बताते हुए इसके लिए स्कूल के पास चल रहे हिल हाईवे निर्माण कार्य को जिम्मेदार ठहराया है। स्कूल अधिकारियों के अनुसार, निर्माण गतिविधियों के दौरान आसपास की जमीन और स्कूल भवन की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई थी।
छुट्टी के दिन ढह गईं तीन कक्षाएं
शुक्रवार को Government UP School, Chaipankuzhy में तीन कक्षाओं के साथ स्कूल का स्टेज भी गिर गया। सामान्य तौर पर स्कूल खुला रहने के दौरान इन कक्षाओं में विद्यार्थियों और शिक्षकों की मौजूदगी रहती है। हालांकि, घटना के दिन छुट्टी होने के कारण परिसर में बच्चों की मौजूदगी नहीं थी।
स्कूल प्रशासन के लिए यह राहत की बात रही कि हादसा उस समय हुआ जब कक्षाएं संचालित नहीं हो रही थीं। अगर यही घटना स्कूल के सामान्य संचालन के दौरान होती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
घटना के बाद स्कूल भवन की सुरक्षा और निर्माण कार्य के प्रभाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्कूल अधिकारियों ने आसपास चल रही परियोजना और उसके संभावित प्रभाव की ओर ध्यान दिलाया है।
हिल हाईवे निर्माण कार्य पर स्कूल प्रशासन ने उठाए सवाल
स्कूल की हेडमिस्ट्रेस बाई पीवी ने Onmanorama को बताया कि स्कूल के नजदीक हिल हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है। स्कूल प्रशासन ने कक्षाओं के ढहने की घटना को इस निर्माण गतिविधि से जोड़ते हुए चिंता जताई है।
स्कूल के आसपास किसी बड़े निर्माण कार्य के दौरान जमीन की स्थिति, कंपन और संरचनात्मक सुरक्षा महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं किया गया है कि स्कूल की इमारत गिरने का सीधा कारण हिल हाईवे निर्माण ही था।
स्कूल अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों और घटना के वास्तविक कारण के बीच अंतर को जांच के बाद ही स्पष्ट किया जा सकेगा। इसलिए फिलहाल निर्माण कार्य को हादसे की वजह के रूप में स्कूल प्रशासन के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
छात्रों की गैरमौजूदगी से टला बड़ा खतरा
इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि स्कूल में छुट्टी थी। कक्षाओं के ढहने के समय विद्यार्थियों के वहां मौजूद नहीं होने से संभावित बड़ा हादसा टल गया।
स्कूलों में किसी भी तरह की संरचनात्मक क्षति बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मामला होती है। ऐसे में तीन कक्षाओं और स्टेज का ढहना स्कूल भवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद स्कूल परिसर और प्रभावित हिस्सों की स्थिति पर ध्यान देना आवश्यक हो गया है। विशेष रूप से उन हिस्सों की सुरक्षा का आकलन जरूरी होगा, जो निर्माण कार्य के आसपास स्थित हैं।
स्कूल भवन की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
तीन कक्षाओं के ढहने की घटना के बाद स्कूल की इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। उपलब्ध रिपोर्ट में घटना के बाद किसी विस्तृत तकनीकी जांच के निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।
इसी वजह से हादसे के कारणों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। स्कूल प्रशासन ने जहां हिल हाईवे के निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं वास्तविक कारण का निर्धारण संबंधित अधिकारियों की जांच और तकनीकी आकलन से ही हो सकेगा।
यह घटना निर्माण कार्यों के दौरान आसपास मौजूद सार्वजनिक इमारतों, खासकर स्कूलों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल सामने लाती है। ऐसे स्थानों पर निर्माण गतिविधियों के प्रभाव की नियमित निगरानी और सुरक्षा उपायों का महत्व बढ़ जाता है।









