TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह? काकोली घोष का बड़ा बयान- "सिर कट जाएगा, लेकिन झुकेगा नहीं"

TMC सांसद काकोली घोष के 'सिर कट जाएगा, लेकिन झुकेगा नहीं' बयान ने पार्टी में अंदरूनी कलह की अटकलों को हवा दे दी ह 20 सांसदों के समर्थन का दावा जानें पूरा मामला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सत्ता गंवाने के बाद All India Trinamool Congress में सियासी घमासान तेज हो गया है। पहले पार्टी के कई विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंका और अब यह संकट संसद तक पहुंच गया है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकसभा सांसद काकोली घोष ने दावा किया है कि पार्टी के 20 सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन करने का फैसला किया है और लोकसभा अध्यक्ष से सदन में अलग बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।

काकोली घोष के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि, इस दावे पर पार्टी नेतृत्व की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

"सिर कट जाएगा, लेकिन झुकेगा नहीं"

मीडिया से बातचीत में काकोली घोष ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई संघर्ष देखे हैं और दबाव में निर्णय लेने वालों में से नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मेरा सिर कट जाएगा, लेकिन झुकेगा नहीं। मैं चार दशक से ममता बनर्जी के साथ राजनीति कर रही हूं। मैं उस समय भी उनके साथ थी, जब वह सत्ता में नहीं थीं। इसलिए यह कहना गलत होगा कि मैंने सिर्फ राजनीतिक परिस्थितियों के कारण अपना रुख बदला है।"

काकोली घोष ने यह भी कहा कि उन्होंने 2009 से पहले कई चुनाव लड़े और हार का सामना किया, लेकिन पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल में विकास की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप नहीं रही। उनके अनुसार, कई क्षेत्रों में प्रशासनिक और वित्तीय चुनौतियां सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन उद्योग सहित कई क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। साथ ही, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। काकोली घोष का कहना है कि जनता के हालिया जनादेश ने बदलाव की आवश्यकता को स्पष्ट किया है और अब उनका उद्देश्य राज्य के विकास तथा राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना है।

20 सांसदों के समर्थन का दावा

काकोली घोष ने दावा किया कि उनके साथ कुल 20 सांसद हैं, जिन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपा है। इस पत्र में सदन के भीतर अलग बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका समूह पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करना चाहता है। इसके अलावा, उन्होंने राज्य में बेरोजगारी और कथित कुशासन जैसे मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की।

उनके अनुसार, केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ पश्चिम बंगाल के लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है और वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं के लिए उन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में काम करना चाहते हैं।

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