चेन्नई में TNEB मुख्यालय से हार्ड डिस्क चोरी के आरोप पर PMK प्रमुख अंबुमणि रामदास ने जांच की मांग की है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार के सबूत मिटाने की साजिश बताते हुए गंभीर सुरक्षा चूक का आरोप लगाया है।
चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में स्थित तमिलनाडु विद्युत बोर्ड (TNEB) मुख्यालय से कथित रूप से कई हार्ड डिस्क गायब होने के मामले ने राज्य की राजनीति और प्रशासन में हलचल मचा दी है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदॉस ने आरोप लगाया कि यह घटना किसी बड़े भ्रष्टाचार को छिपाने की साजिश का हिस्सा हो सकती है।
उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
18 हार्ड डिस्क चोरी के आरोप, शिकायत में केवल 8 का जिक्र
PMK प्रमुख के अनुसार, शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया गया है कि TNEB मुख्यालय से लगभग 18 हार्ड डिस्क कथित तौर पर गायब हो गई हैं। इन हार्ड डिस्क में बिजली विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील सरकारी रिकॉर्ड मौजूद थे।
हालांकि, पुलिस में दर्ज शिकायत में केवल 8 हार्ड डिस्क का उल्लेख होने पर सवाल खड़े हो गए हैं। अंबुमणि रामदॉस ने इस अंतर को गंभीर बताते हुए कहा कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, और मामले को जानबूझकर कम करके दिखाया जा रहा है।
कोयला खरीद, ठेकों और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े डेटा होने का दावा
PMK अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गायब हार्ड डिस्क में बिजली विभाग के कई महत्वपूर्ण डेटा शामिल थे। इनमें कोयला खरीद से जुड़े दस्तावेज, सरकारी ठेके, प्रशासनिक निर्णय और संभावित अनियमितताओं से संबंधित रिकॉर्ड होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला केवल चोरी का नहीं बल्कि बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार छुपाने की कोशिश का संकेत हो सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इस घटना ने TNEB मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंबुमणि रामदॉस ने कहा कि यह एक अत्यंत सुरक्षित सरकारी परिसर है, जहां बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश सीमित होता है।
ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में हार्ड डिस्क का गायब होना इस ओर संकेत करता है कि इसमें अंदरूनी लोगों की संलिप्तता हो सकती है।
![]()
CCTV सिस्टम बंद होने के आरोप
PMK प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे पिछले कई वर्षों से कार्यरत नहीं थे। उन्होंने कहा कि यदि यह सच है, तो यह सुरक्षा में गंभीर लापरवाही का मामला है।
उनके अनुसार, एक महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में इतने लंबे समय तक निगरानी प्रणाली का बंद रहना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है और इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए।
भ्रष्टाचार छुपाने की साजिश का शक
अंबुमणि रामदॉस ने कहा कि तमिलनाडु का बिजली क्षेत्र लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में रहा है। उन्होंने दावा किया कि हार्ड डिस्क चोरी की यह घटना केवल तकनीकी या सुरक्षा चूक नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे कोई संगठित प्रयास हो सकता है।
उन्होंने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराए और यह पता लगाए कि क्या वास्तव में किसी तरह के भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए डेटा नष्ट करने की कोशिश की गई है।
कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह
PMK ने यह भी सवाल उठाया कि इतनी सुरक्षित जगह से हार्ड डिस्क कैसे गायब हो सकती हैं, जब वहां प्रवेश और सिस्टम एक्सेस नियंत्रित रहता है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि इसमें किसी कर्मचारी या अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है।
पार्टी ने मांग की है कि सभी संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
सरकार से तत्काल जांच की मांग
डॉ. अंबुमणि रामदॉस ने तमिलनाडु सरकार से अपील की है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक संस्थान का नहीं बल्कि राज्य के महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे से जुड़ा है।
उन्होंने दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की है।










