Tamil Nadu में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल काफी गरम है। इसी बीच मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने सत्तारूढ़ गठबंधन की बड़ी जीत को लेकर भरोसा जताया है।
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य की राजनीति में बयानबाजी और तेज होती जा रही है। सत्तारूढ़ दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के प्रमुख और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक बार फिर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि जनता का भारी समर्थन उनकी पार्टी और गठबंधन के पक्ष में है, जिससे सभी 234 विधानसभा सीटों पर जीत की संभावना बन रही है।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान चुनावी माहौल में आत्मविश्वास बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है, क्योंकि राज्य में मुकाबला बेहद प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है।
“सभी 234 सीटों पर जीत संभव”: स्टालिन का दावा
एम.के. स्टालिन ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान मिल रही भारी भीड़ और जनता का उत्साह इस बात का संकेत है कि उनकी पार्टी और गठबंधन मजबूत स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां गठबंधन 200 से अधिक सीटों की जीत का अनुमान लगा रहा था, अब जनता के समर्थन को देखते हुए सभी 234 सीटों पर जीत की संभावना दिखाई दे रही है।
स्टालिन ने कहा कि उनका गठबंधन “धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील शक्तियों” का प्रतिनिधित्व करता है और राज्य की जनता उनके विकास एजेंडे पर भरोसा कर रही है।
विपक्ष पर तीखा हमला और “दिल्ली बनाम तमिलनाडु” बयान
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एम.के. स्टालिन ने अपने चर्चित “तमिलनाडु बनाम दिल्ली” बयान को दोहराते हुए केंद्र सरकार और विपक्षी गठबंधनों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल केंद्र की ताकतों के प्रभाव में काम कर रहे हैं और राज्य के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से विपक्षी गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ पार्टियां “दिल्ली के प्रभाव में” हैं और स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं। उनके इस बयान को राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय बनाम राष्ट्रीय शक्ति संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है।
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को निर्धारित है। इस बार का चुनाव केवल दो प्रमुख गठबंधनों तक सीमित नहीं माना जा रहा है। मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बीच है।
SPA में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथाइगल काची और अन्य दल शामिल हैं, जबकि एनडीए में भारतीय जनता पार्टी और पट्टाली मक्कल काची जैसे सहयोगी दल मौजूद हैं। इसके अलावा, अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) भी चुनावी मैदान में उतर रही है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना बढ़ गई है।
जनता की प्रतिक्रिया और चुनावी माहौल
चुनाव प्रचार के दौरान तमिलनाडु में सभी प्रमुख दलों की रैलियों में भारी भीड़ देखी जा रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार चुनावी माहौल पहले से अधिक गतिशील है, जहां युवा मतदाता और शहरी मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। एम.के. स्टालिन का दावा है कि जनता का रुझान उनकी सरकार की नीतियों और सामाजिक कल्याण योजनाओं के पक्ष में है। वहीं विपक्षी दल सरकार पर कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) और उसके सहयोगी एनडीए ने भी चुनावी रणनीति को तेज कर दिया है। वे राज्य में सत्ता परिवर्तन की उम्मीद में सामाजिक गठबंधन और क्षेत्रीय मुद्दों पर फोकस कर रहे हैं। बीजेपी और उसके सहयोगी दल राज्य में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर युवाओं और शहरी क्षेत्रों में।
विजय की राजनीति में एंट्री ने तमिलनाडु के चुनावी समीकरणों को और जटिल बना दिया है। उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को खासकर युवा मतदाताओं के बीच समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है।










