त्रिपुरा: सशस्त्र संगठन TGRDC ने 5 जून का रेल-रोड ब्लॉकेड वापस लिया, सरकार से बातचीत के बाद फैसला

त्रिपुरा में TGRDC ने सरकार से बातचीत के बाद 5 जून का रेल-रोड ब्लॉकेड वापस ले लिया है। पुनर्वास और रोजगार मुद्दों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन स्थगित हुआ।

त्रिपुरा में TGRDC ने सरकार से वार्ता के बाद 5 जून का प्रस्तावित रेल-रोड ब्लॉकेड वापस ले लिया। पुनर्वास और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है और समाधान की प्रक्रिया जारी है।

अगरतला: त्रिपुरा में 5 जून को प्रस्तावित रेल-रोड ब्लॉकेड को लेकर चल रहा तनाव अब खत्म हो गया है। सशस्त्र गतिविधियों से जुड़े पूर्व उग्रवादियों के संगठन Tripura Guerrilla Returnees’ Demand Committee (TGRDC) ने राज्य सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद अपना आंदोलन वापस ले लिया है।

यह निर्णय उस बैठक के बाद लिया गया, जो त्रिपुरा के जनजातीय कल्याण मंत्री बिकाश देबबर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। बैठक में संगठन के प्रतिनिधियों ने अपने लंबे समय से लंबित पुनर्वास, रोजगार और आजीविका से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने रखा।

सरकार ने दिया आश्वासन, बातचीत से सुलझा विवाद

बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि सरकार और TGRDC प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सभी प्रमुख मांगों पर विचार किया गया। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि पूर्व उग्रवादियों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।

इसके बाद संगठन ने 5 जून को प्रस्तावित रेल और सड़क अवरोध आंदोलन को वापस लेने का निर्णय लिया। यह आंदोलन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के त्रिपुरा दौरे के समय आयोजित किया जाना था, जिसे अब टाल दिया गया है।

मुख्य मांग: पुनर्वास और रोजगार के अवसर

TGRDC की प्रमुख मांगों में पूर्व उग्रवादियों के लिए स्थायी पुनर्वास और आजीविका के अवसर शामिल थे। संगठन का कहना था कि आत्मसमर्पण करने के बाद भी कई लोग आर्थिक स्थिरता और रोजगार की कमी से जूझ रहे हैं।

इन्हीं मुद्दों को लेकर संगठन ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए रेल-रोड ब्लॉकेड का आह्वान किया था, जिसे अब वार्ता के बाद वापस ले लिया गया है।

रबर मिशन योजना पर भी हुई चर्चा

जनजातीय कल्याण विभाग के निदेशक सुभाषिश दास ने बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री रबर मिशन से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत शुरुआत में 30,000 हेक्टेयर भूमि पर रबर प्लांटेशन की मंजूरी दी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 69,000 हेक्टेयर कर दिया गया।

त्रिपुरा: सशस्त्र संगठन TGRDC ने 5 जून का रेल-रोड ब्लॉकेड वापस लिया, सरकार से बातचीत के बाद फैसला

हालांकि, भूमि विस्तार के अनुरूप वित्तीय आवंटन नहीं बढ़ाया गया, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में चुनौतियां सामने आईं।

NABARD से अतिरिक्त फंड की मांग

अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने इस कमी को दूर करने के लिए NABARD (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) से अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग की है।

सरकार का उद्देश्य है कि पूरी विस्तारित योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि पूर्व उग्रवादियों और स्थानीय समुदायों को रोजगार के अवसर मिल सकें।

9 जून को फिर होगी अहम बैठक

सरकारी अधिकारियों ने जानकारी दी कि पुनर्वास और आजीविका से जुड़े दीर्घकालिक समाधान के लिए 9 जून को एक और महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में सभी संबंधित विभागों के साथ-साथ पूर्व उग्रवादियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

इस बैठक का उद्देश्य एक समन्वित रणनीति तैयार करना है ताकि पुनर्वास प्रक्रिया को तेज किया जा सके और लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

संवाद से समाधान की दिशा में कदम

अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि लगातार संवाद और समन्वय के माध्यम से राज्य में शांति और स्थिरता को और मजबूत किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि आत्मसमर्पण कर चुके लोगों को मुख्यधारा में जोड़ना उसकी प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल है।

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