अमेरिका भारत को एक और बड़ा झटका देने की तैयारी में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी जल्द ही संसद में ऐसा विधेयक पेश करने वाली है, जिसके तहत H-1B वीजा कार्यक्रम को पूरी तरह बंद किया जा सकता है।
वॉशिंगटन: अमेरिका में विवादास्पद फाइनेंसर और दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के पुराने संबंधों को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने शुक्रवार को घोषणा की कि उन्होंने न्यूयॉर्क के शीर्ष संघीय प्रॉसिक्यूटर जे क्लेटन को एपस्टीन के राजनीतिक और व्यावसायिक रिश्तों की विस्तृत जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।
यह जांच मुख्य रूप से उन हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों पर केंद्रित होगी, जिन्हें ट्रंप लंबे समय से अपने राजनीतिक विरोधी बताते रहे हैं—जैसे पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, पूर्व वित्त मंत्री लैरी समर्स, और लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन।
23,000 दस्तावेजों के खुलासे ने बढ़ाया विवाद
यह कदम उस समय उठाया गया है जब कांग्रेस के रिपब्लिकन नेताओं ने इस सप्ताह एपस्टीन की संपत्ति और संपर्कों से जुड़े लगभग 23,000 पन्नों का दस्तावेजी रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दिया। इन ईमेल और मेमो में कई बड़े नामों—क्लिंटन, ट्रंप, समर्स, हॉफमैन—का उल्लेख सामने आया है, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाने पर लेने के लिए जांच का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसे “नेशनल सिक्योरिटी इश्यू” और “ट्रांसपेरेंसी की जरूरत” बताते हुए कहा कि एपस्टीन किसके संपर्क में था, इसकी निष्पक्ष जांच होना ही चाहिए।
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दस्तावेजों में जिक्र, लेकिन अपराध का सबूत नहीं
अब तक सामने आए ईमेल और रिकॉर्ड में एपस्टीन द्वारा वर्षों में किए गए संक्षिप्त संपर्कों, बैठकों और परिचयों का उल्लेख है। हालांकि, इनमें से किसी भी दस्तावेज में आपराधिक गतिविधि का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है। बिल क्लिंटन ने माना कि वे एपस्टीन के निजी विमान में चार बार सवार हुए थे, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें एपस्टीन की गैरकानूनी गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी।
डोनाल्ड ट्रंप भी 2000 के दशक की शुरुआत में एपस्टीन के संपर्क में रहे, जिसे उन्होंने “सामाजिक परिचय” बताया और कहा कि वे 2008 के बाद उससे दूर हो गए। रीड हॉफमैन और लैरी समर्स दोनों ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया कि एपस्टीन के साथ जुड़े रहना “नैतिक चूक” थी, लेकिन किसी गलत कार्य में उनकी संलिप्तता अब तक स्थापित नहीं हुई है।
एपस्टीन नेटवर्क की जांच क्यों जरूरी?
एपस्टीन 2019 में अपनी जेल सेल में मृत पाया गया था, जब वह सेक्स ट्रैफिकिंग के मामलों में मुकदमे का सामना कर रहा था। उसकी मौत के बाद से ही यह सवाल बना हुआ है कि उच्च समाज, राजनीतिक सर्कल और वित्तीय जगत में एपस्टीन के संपर्क किस हद तक फैल चुके थे। ट्रंप समर्थकों का आरोप है कि इन संपर्कों को वर्षों तक छिपाया गया, जबकि डेमोक्रेट्स का कहना है कि रिपब्लिकन्स इस मसले का इस्तेमाल चुनावी हथियार की तरह कर रहे हैं।
अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने कहा, यह जांच किसी राजनीतिक बदले की नहीं, बल्कि तथ्य स्थापित करने की है। अमेरिकी जनता को यह पता होना चाहिए कि एपस्टीन किन-किन प्रभावशाली लोगों के संपर्क में था।









