रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से बातचीत की। डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की पर शांति समझौते में रुचि नहीं लेने का आरोप लगाया। दोनों देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहे।
कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने की कूटनीतिक कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ट्रंप ने जेलेंस्की पर शांति समझौते की दिशा में गंभीरता से काम नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं, जेलेंस्की ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर के साथ बातचीत कर दोनों देशों के बीच सहयोग बनाए रखने की कोशिश की।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज कर रहे हैं। रूसी हमलों से यूक्रेन के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, जबकि यूक्रेन ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। युद्ध के बीच ऊर्जा सुरक्षा, अमेरिकी सैन्य सहायता और संभावित शांति समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
ट्रंप ने जेलेंस्की पर शांति समझौते में देरी का आरोप लगाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने के लिए बातचीत में अच्छी प्रगति हो रही है। हालांकि, उन्होंने जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि वह युद्ध समाप्त करने के लिए पर्याप्त इच्छाशक्ति नहीं दिखा रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि यूरोपीय देशों से मिलने वाली आर्थिक सहायता के बावजूद यूक्रेनी नेतृत्व युद्ध खत्म करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है। उनके बयान ने अमेरिका और यूक्रेन के बीच पहले से मौजूद मतभेदों को फिर चर्चा में ला दिया है।
ट्रंप ने रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने वाले यूक्रेनी हमलों पर भी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, इन हमलों का असर अंतरराष्ट्रीय डीजल बाजार पर पड़ सकता है, जिसमें अमेरिकी बाजार भी शामिल है।
हालांकि, ये ट्रंप के राजनीतिक आरोप और आकलन हैं। यूक्रेन की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि युद्ध समाप्त करने के लिए रूस को भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोकनी होगी और किसी समझौते की शर्तों पर सहमत होना होगा।
जेलेंस्की ने अमेरिकी दूतों के साथ की बातचीत
ट्रंप के बयान के बीच जेलेंस्की ने अमेरिकी अधिकारियों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से बातचीत की। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि युद्ध के भविष्य को लेकर अमेरिका का रुख बेहद महत्वपूर्ण है और संघर्ष समाप्त करने के लिए सभी पक्षों को गंभीर प्रयास करने होंगे।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन बातचीत में रचनात्मक और ईमानदार भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यूरोपीय देशों के साथ-साथ अमेरिका भी इसी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा।
बातचीत के दौरान अमेरिकी पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति का मुद्दा भी उठा। यूक्रेन लंबे समय से रूसी मिसाइल हमलों से अपने शहरों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा करने की कोशिश कर रहा है।
पैट्रियट जैसी वायु रक्षा प्रणालियां आने वाली मिसाइलों और कुछ अन्य हवाई खतरों को रोकने में मदद कर सकती हैं। ऐसे में इनकी उपलब्धता यूक्रेन की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बनी हुई है।
जेलेंस्की ने अमेरिका को दी संबंधों पर पुनर्विचार की चेतावनी
जेलेंस्की ने अमेरिकी समाचार चैनल एनबीसी से बातचीत में कहा कि यदि अमेरिका औपचारिक रूप से रूस का समर्थन करता है, तो यह ऐतिहासिक गलती होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रंप अपने फैसलों पर दोबारा विचार करेंगे।
इसके साथ ही जेलेंस्की ने अमेरिका की ओर से खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू किए जाने के लिए आभार भी जताया। इससे पहले इस सहयोग में आई रुकावट ने यूक्रेन की सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी थीं।
यूक्रेन के लिए अमेरिकी खुफिया जानकारी और सैन्य सहायता महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि रूसी हमलों के खिलाफ रक्षा तैयारियों में इनका इस्तेमाल किया जाता है। दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक दबाव और बातचीत पर जोर देता रहा है।
दोनों नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि युद्ध समाप्त करने के लक्ष्य पर सहमति होने के बावजूद इसे हासिल करने के तरीकों और शर्तों को लेकर मतभेद बने हुए हैं
रूस और यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज
कूटनीतिक बातचीत के साथ ही युद्ध के मैदान में भी संघर्ष जारी है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ने ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने से संबंधित ट्रंप की कथित ऊर्जा संघर्षविराम व्यवस्था का 76 बार उल्लंघन किया।
उन्होंने चेतावनी दी कि रूस सर्दियों से पहले यूक्रेन के लोगों को गर्मी और बिजली से वंचित करने की कोशिश कर सकता है। उनके अनुसार, रूसी हमलों के कारण कई क्षेत्रों में हजारों लोग बिजली आपूर्ति से प्रभावित हुए। यूक्रेनी अधिकारियों ने इन हमलों में तीन लोगों की मौत की जानकारी भी दी।
ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले यूक्रेन के लिए गंभीर चुनौती हैं। बिजली संयंत्रों, वितरण नेटवर्क और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने से घरों, अस्पतालों और औद्योगिक इकाइयों पर असर पड़ सकता है।
सर्दियों से पहले ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने मानवीय चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। हालांकि, ऊर्जा ठिकानों पर हमलों और संघर्षविराम उल्लंघन से जुड़े दावों का स्वतंत्र सत्यापन महत्वपूर्ण होगा।
सेंट पीटर्सबर्ग पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला
रूस ने रविवार देर रात यूक्रेनी ड्रोन हमलों की सूचना दी। रूसी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गृह क्षेत्र सेंट पीटर्सबर्ग में हुए हमले के दौरान एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई और एक व्यक्ति की मौत हुई।
लेनिनग्राद क्षेत्र के प्रमुख अलेक्जेंडर द्रोज्देंको ने दावा किया कि रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने 144 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। रूसी सरकारी मीडिया ने इस हमले को 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद सेंट पीटर्सबर्ग पर हुआ सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया।
रूस के सोशल नेटवर्क वीकोंताक्ते ने अपने डेटा सेंटर को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी। वहीं, देश की दूसरी सबसे बड़ी खुदरा कंपनियों में शामिल ओजोन ने अपने लॉजिस्टिक्स केंद्र पर हमले की सूचना दी।
इन घटनाओं से पता चलता है कि युद्ध का असर अब ऊर्जा प्रतिष्ठानों के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं और आपूर्ति नेटवर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक सीमा और प्रत्येक घटना की परिस्थितियों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जानकारी आवश्यक है।
रूस ने युद्ध के उद्देश्य बदलनेकिया इनकार से
क्रेमलिन ने कहा है कि यूक्रेन की ओर से रूसी शहरों पर किए जा रहे हमलों से मॉस्को के युद्ध संबंधी उद्देश्य नहीं बदलेंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले भी कह चुके हैं कि रूस पूर्वी यूक्रेन के शेष हिस्सों पर नियंत्रण हासिल करना चाहता है।
यह रुख किसी भी संभावित शांति समझौते को जटिल बनाता है, क्योंकि क्षेत्रीय नियंत्रण का सवाल दोनों देशों के बीच सबसे विवादित मुद्दों में शामिल है। यूक्रेन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा पर जोर देता रहा है, जबकि रूस अपनी सैन्य और क्षेत्रीय मांगों से पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा है।
शांति वार्ता के सामने अब भी बड़ी चुनौतियां
रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष समाप्त कराने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में चल रही कोशिशों से अभी तक निर्णायक सफलता नहीं मिली है। ट्रंप पहले भी दोनों देशों के नेताओं की आलोचना कर चुके हैं और बातचीत में प्रगति नहीं होने पर निराशा जता चुके हैं।
इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच यूक्रेन युद्ध पर संभावित बैठक को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि प्रस्तावित बैठक में जेलेंस्की को शामिल करने की बात नहीं थी। इससे यूक्रेन और यूरोपीय देशों में कूटनीतिक प्रक्रिया को लेकर चिंता बढ़ी।
आगे की राह इस बात पर निर्भर करेगी कि युद्धविराम, क्षेत्रीय नियंत्रण, सुरक्षा गारंटी और सैन्य सहायता जैसे मुद्दों पर संबंधित पक्ष किस तरह सहमति बनाते हैं। फिलहाल, अमेरिकी दूतों के साथ जेलेंस्की की बातचीत तनाव कम करने की कोशिश जरूर है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों और नेताओं के बीच सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से शांति समझौते की राह चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।









