यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के बीच तनाव बढ़ गया है। ज़ेलेंस्की ने मिसाइल आपूर्ति में देरी का आरोप लगाया, जबकि ट्रंप ने यूक्रेन की ओर से नए वार्ताकार की जरूरत बताई।
कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका और यूक्रेन के संबंधों में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि अमेरिका उनके देश को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति में जानबूझकर देरी कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ज़ेलेंस्की की आलोचना करते हुए कहा कि अब यूक्रेन की ओर से किसी दूसरे व्यक्ति को शांति वार्ता की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए।
20 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच विवाद सैन्य सहायता, खुफिया जानकारी साझा करने और रूस के साथ अमेरिका के ऊर्जा संबंधी समझौते को लेकर गहरा गया है। इसी बीच रूस के ताजा हमलों में यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचने और लाखों लोगों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिका पर मिसाइलों की आपूर्ति में देरी का आरोप
ज़ेलेंस्की ने सोमवार को अमेरिकी सीनेटरों से बातचीत के दौरान दावा किया कि पेंटागन उन इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति में देरी कर रहा है, जिनका भुगतान यूरोपीय देशों ने पहले ही कर दिया है। उनके अनुसार, इन मिसाइलों की खेप अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की मंजूरी का इंतजार कर रही है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि कई यूरोपीय देश अपने भंडार से पैट्रियट मिसाइलें यूक्रेन को देने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए अमेरिकी अनुमति आवश्यक है। उनका दावा है कि मिसाइलें उपलब्ध होने के बावजूद मंजूरी नहीं मिलने के कारण उनकी आपूर्ति रुकी हुई है।
पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका इस्तेमाल रूसी मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों से महत्वपूर्ण शहरों तथा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए किया जाता है।
हालांकि, अमेरिका की ओर से मिसाइलों की आपूर्ति में जानबूझकर देरी किए जाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इस मामले में अमेरिकी प्रशासन की स्थिति और संबंधित मंजूरी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
ट्रंप ने कहा- यूक्रेन को नया वार्ताकार चाहिए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ज़ेलेंस्की की आलोचना करते हुए कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति को मामले की पूरी समझ नहीं है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि यूक्रेन की ओर से कोई दूसरा व्यक्ति बातचीत की जिम्मेदारी संभाले।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने की बातचीत लंबे समय से गतिरोध का सामना कर रही है। रूस अपने क्षेत्रीय दावों से पीछे हटने को तैयार नहीं है, जबकि यूक्रेन अपने क्षेत्रों पर रूसी नियंत्रण को स्वीकार करने का विरोध करता रहा है।
ट्रंप ने अपने कार्यकाल में युद्ध को जल्द समाप्त करने का वादा किया था। हालांकि, रूस के साथ उनके प्रशासन के संपर्कों और यूक्रेन को दी जाने वाली सहायता को लेकर बदलते रुख ने कीव की चिंताएं बढ़ाई हैं।
ट्रंप की ताजा टिप्पणी से यह सवाल भी उठता है कि क्या अमेरिका और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता को लेकर रणनीतिक मतभेद और गहरे होंगे।
रूस के साथ डीजल समझौते पर भी विवाद
अमेरिका और यूक्रेन के बीच तनाव का एक अन्य कारण रूस के साथ ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ा समझौता बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ डीजल आपूर्ति संबंधी समझौते के लिए कुछ प्रतिबंधों में आंशिक ढील दी थी।
ट्रंप ने इस समझौते का बचाव किया और रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों को लेकर ज़ेलेंस्की की आलोचना की। इस घटनाक्रम ने रूस के प्रति अमेरिकी नीति और यूक्रेन को समर्थन देने की रणनीति पर बहस तेज कर दी है।
कीव की चिंता यह है कि यदि वाशिंगटन मॉस्को के साथ आर्थिक संबंधों को प्राथमिकता देता है और सैन्य सहायता पर प्रतिबंध लगाता है, तो इससे यूक्रेन की रक्षा क्षमता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, दोनों देशों के बीच भविष्य की नीति किस दिशा में जाएगी, यह आने वाले फैसलों पर निर्भर करेगा।
ट्रंप चीन में पुतिन और शी जिनपिंग से मिलने को तैयार
ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह अगले महीने चीन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, प्रस्तावित बातचीत में परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने और परमाणु निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। यूक्रेन युद्ध भी संभावित बातचीत का हिस्सा बन सकता है।
इस संभावित बैठक को लेकर यूक्रेन में चिंता है कि कहीं युद्ध के भविष्य पर बड़े देशों के बीच होने वाली बातचीत में कीव को पर्याप्त भूमिका न मिले।
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा ने कहा कि ऐसी बैठक पुतिन को युद्ध जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। उनका बयान इस आशंका को दर्शाता है कि यूक्रेन की भागीदारी के बिना होने वाली किसी भी कूटनीतिक पहल से उसके हित प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, प्रस्तावित बैठक के अंतिम एजेंडे और उसमें यूक्रेन युद्ध पर चर्चा होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रूसी हमलों से यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को नुकसान
इस कूटनीतिक तनाव के बीच रूस के ताजा हमलों ने यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों के कारण देशभर में पांच लाख से अधिक लोगों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई और क्षतिग्रस्त बिजली नेटवर्क की मरम्मत के लिए आपातकालीन काम शुरू करना पड़ा।
यूक्रेन के अधिकारियों ने उत्तर-पूर्वी शहर खार्किव के पास हुए हमले में छह लोगों की मौत की जानकारी दी। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। ज़ेलेंस्की ने कहा कि इन हमलों से पहले सहयोगी देशों की ओर से अपेक्षित चेतावनी नहीं मिली। उन्होंने नुकसान, मौतों और घायलों का उल्लेख करते हुए वायु रक्षा और खुफिया सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
ऊर्जा ढांचे पर हमले यूक्रेन के नागरिकों के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों, अस्पतालों, परिवहन और अन्य जरूरी सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
अमेरिका ने खुफिया सहयोग रोकने से किया इनकार
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था वापस लिए जाने से इनकार किया। उन्होंने ट्रंप के इस रुख का समर्थन किया कि ज़ेलेंस्की को युद्ध समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
खुफिया जानकारी साझा करना यूक्रेन की रक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे संभावित हमलों का आकलन करने और सैन्य तैयारियों में मदद मिल सकती है। इसलिए इस सहयोग को लेकर किसी भी अनिश्चितता का असर दोनों देशों के संबंधों पर पड़ सकता है।
अमेरिकी प्रशासन ने खुफिया सहयोग में बदलाव से इनकार किया है, जबकि यूक्रेन ने समय पर चेतावनी नहीं मिलने की शिकायत की है। इन दोनों बयानों के बीच वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित घटनाओं और सूचनाओं की विस्तृत जांच जरूरी है।
आगे क्या होगा?
रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की कोशिशें क्षेत्रीय दावों, सैन्य सहायता और सुरक्षा गारंटी जैसे मुद्दों पर अटकी हुई हैं। अमेरिका और यूक्रेन के बीच बढ़ता सार्वजनिक टकराव इस प्रक्रिया को और जटिल बना सकता है। अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि मिसाइल आपूर्ति को लेकर क्या फैसला होता है, खुफिया सहयोग की स्थिति कैसे स्पष्ट होती है और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय बैठकों में यूक्रेन की भूमिका क्या रहती है।
फिलहाल, ज़ेलेंस्की के आरोप और ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया है कि युद्ध को समाप्त करने की रणनीति पर दोनों नेताओं के बीच मतभेद गहरे हैं। इन मतभेदों का असर यूक्रेन की रक्षा तैयारियों और भविष्य की शांति वार्ताओं पर पड़ सकता है।









