Microsoft पर ब्रिटेन के Competition Regulator की नजर, Copilot और Office सॉफ्टवेयर की बंडलिंग की होगी जांच

ब्रिटेन की CMA Microsoft के Copilot और Office सॉफ्टवेयर की बंडलिंग की जांच करेगी। क्लाउड सेवाओं, AI टूल्स और प्रतिस्पर्धा पर भी फोकस रहेगा।

ब्रिटेन की प्रतिस्पर्धा नियामक CMA ने Microsoft के बिजनेस सॉफ्टवेयर बाजार में दबदबे को लेकर रणनीतिक बाजार स्थिति देने का प्रस्ताव रखा है। जांच में Copilot, Office ऐप्स की बंडलिंग, AI टूल्स के विकल्प और क्लाउड सेवाओं के बीच स्विचिंग की बाधाओं पर ध्यान दिया जाएगा।

लंदन: ब्रिटेन की प्रतिस्पर्धा एवं बाजार प्राधिकरण (CMA) ने Microsoft के बिजनेस सॉफ्टवेयर कारोबार को लेकर कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया है। नियामक कंपनी को ‘स्ट्रैटेजिक मार्केट स्टेटस’ देने पर विचार कर रहा है। इससे Excel, Teams और AI असिस्टेंट Copilot जैसे उत्पादों की बंडलिंग और प्रतिस्पर्धी सेवाओं के साथ उनके इस्तेमाल से जुड़े नियमों में बदलाव का रास्ता खुल सकता है। अंतिम फैसला फरवरी तक आने की उम्मीद है।

Microsoft के बिजनेस सॉफ्टवेयर कारोबार की जांच करेगा ब्रिटेन

ब्रिटेन के प्रतिस्पर्धा नियामक CMA ने Microsoft के बिजनेस सॉफ्टवेयर बाजार में मजबूत स्थिति को लेकर चिंता जताई है। नियामक के मुताबिक, कंपनी का प्रभाव पर्सनल कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम, प्रोडक्टिविटी सॉफ्टवेयर, सुरक्षा सेवाओं, सर्वर और डेटाबेस मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में है। ग्राहकों के लिए दूसरे प्रदाताओं की सेवाओं पर जाना भी कई बाधाओं के कारण मुश्किल हो सकता है।

Microsoft पर ब्रिटेन के Competition Regulator की नजर, Copilot और Office सॉफ्टवेयर की बंडलिंग की होगी जांच

CMA ने मई में इस मामले की जांच शुरू की थी। नियामक के अनुसार, ब्रिटेन में हर महीने करीब 2 करोड़ लोग Microsoft के इन सॉफ्टवेयर उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। प्रस्तावित कदम के तहत कंपनी को ‘स्ट्रैटेजिक मार्केट स्टेटस’ दिया जा सकता है, जिससे डिजिटल बाजार में उसकी गतिविधियों पर अतिरिक्त नियम लागू करने का रास्ता खुलेगा।

Microsoft ने नियामक के आकलन से असहमति जताई है। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, उसके सभी उत्पादों में Copilot भी शामिल है और वे दूसरे प्रतिस्पर्धी उत्पादों के साथ इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

Copilot और AI टूल्स के बीच प्रतिस्पर्धा पर रहेगा फोकस

CMA यह जांच करेगा कि क्या ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार AI टूल चुनने की पूरी स्वतंत्रता मिलती है और क्या दूसरी कंपनियां Microsoft Copilot के साथ प्रभावी प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं।

नियामक Microsoft के सुरक्षा उत्पादों की बंडलिंग और उसकी लाइसेंसिंग नीतियों का भी अध्ययन करेगा। इसका उद्देश्य यह समझना है कि इन कारोबारी तरीकों से ग्राहकों के विकल्प सीमित होते हैं या उन्हें दूसरे सॉफ्टवेयर और क्लाउड प्रदाताओं की सेवाएं अपनाने में परेशानी होती है।

CMA की मुख्य कार्यकारी सारा कार्डेल के अनुसार, बिजनेस सॉफ्टवेयर और क्लाउड सेवाएं ब्रिटेन की कंपनियों से लेकर जरूरी सार्वजनिक सेवाओं तक के कामकाज का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि संगठनों को अपनी जरूरत के मुताबिक उत्पाद चुनने, प्रदाता बदलने और अलग-अलग कंपनियों की सेवाओं को एक साथ इस्तेमाल करने की सुविधा मिलनी चाहिए।

नियामक अब प्रस्तावित दर्जे पर संबंधित पक्षों की राय मांगेगा। इसके बाद फरवरी तक अंतिम फैसला लिया जाएगा।

क्लाउड सेवाओं में प्रदाता बदलने की बाधाएं भी जांच के दायरे में

CMA ने Amazon Web Services (AWS) और Microsoft से क्लाउड सेवाओं में प्रदाता बदलने और एक से अधिक क्लाउड सेवाओं का इस्तेमाल करने में बची बाधाओं को दूर करने की जरूरत भी बताई है।

दोनों कंपनियों ने ग्राहकों को अधिक विकल्प देने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। इनमें प्रतिस्पर्धी कंपनियों के साथ डेटा सेंटर जोड़ना और प्रदाता बदलने वाले ग्राहकों के लिए डेटा ट्रांसफर शुल्क हटाना शामिल है। हालांकि, नियामक का मानना है कि इस दिशा में और सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।

CMA ने कहा कि वह कंपनियों के साथ काम जारी रखेगा और क्लाउड सेक्टर में औपचारिक जांच शुरू करने की संभावना पर भी नजर रखेगा।

Microsoft ने क्लाउड कारोबार में अपनी स्थिति को लेकर कहा कि वह डिजिटल बाजार प्रतिस्पर्धा व्यवस्था के तहत विशेष दर्जा दिए जाने के पक्ष में नहीं है। AWS ने भी नियामक के अपडेट का स्वागत किया और कहा कि वह AI, मल्टी-क्लाउड तथा खुले मानकों पर आधारित तकनीकों में निवेश कर रहा है।

ब्रिटेन में नए डिजिटल बाजार नियमों के तहत Google को ऑनलाइन सर्च और Google तथा Apple को मोबाइल प्लेटफॉर्म के क्षेत्र में अक्टूबर 2025 में निर्धारित दर्जा दिया गया था। Microsoft के मामले में अंतिम फैसला यह तय करने में महत्वपूर्ण होगा कि बिजनेस सॉफ्टवेयर और AI सेवाओं में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त नियमों की जरूरत है या नहीं।

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