यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्रंप के प्रतिनिधियों के साथ नए दौर की बातचीत की तैयारी के संकेत दिए हैं। इसी बीच मायला में रूसी हमले से मृतकों की संख्या 38 हो गई। रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमलों की चेतावनी दी है।
रूस/यूक्रेन वॉर: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि उनका देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के नए दौर की तैयारी कर रहा है। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब यूक्रेन लगातार रूसी हवाई हमलों का सामना कर रहा है और कीव के पश्चिमी इलाके मायला में एक गोदाम पर हुए घातक हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। इस हमले में दर्जनों लोग घायल हुए हैं और कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
जेलेंस्की ने रविवार को टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा कि यूक्रेन कूटनीतिक रास्ते को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा, ताकि युद्ध ही आगे की घटनाओं के लिए एकमात्र विकल्प न रह जाए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच संघर्ष को लेकर कई मुद्दों पर समान समझ मौजूद है।
ट्रंप के प्रतिनिधियों से बातचीत की तैयारी
जेलेंस्की के मुताबिक अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत को लेकर आने वाले दिनों में और जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा कि युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीति की संभावनाएं बनी रहें।
रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता लंबे समय से गतिरोध में है। अमेरिका दोनों देशों को किसी समझौते तक पहुंचाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन क्षेत्रीय नियंत्रण और राजनीतिक शर्तों को लेकर दोनों पक्षों के बीच गंभीर मतभेद बने हुए हैं। रूस की ओर से कई व्यापक क्षेत्रीय और राजनीतिक मांगें रखी गई हैं, जबकि कीव ऐसी शर्तों को स्वीकार करने से इनकार करता रहा है जिन्हें वह अपनी संप्रभुता के खिलाफ मानता है।
अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की रूस तथा यूक्रेन यात्रा की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अगस्त में उनकी प्रस्तावित यात्राएं नहीं हो सकीं। ऐसे में जेलेंस्की का नया बयान कूटनीतिक गतिविधियों को फिर से गति देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
मायला हमले में 38 लोगों की मौत
जेलेंस्की की कूटनीतिक पहल के बीच यूक्रेन में रूसी हमलों से हुई तबाही भी लगातार बढ़ रही है। कीव के पश्चिम में स्थित मायला गांव में एक गोदाम पर शुक्रवार रात हुए हमले में मरने वालों की संख्या 38 हो गई है। अधिकारियों के अनुसार चार लोग अभी भी लापता हैं।
यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि जिस गोदाम को निशाना बनाया गया, वहां कथित तौर पर गोला-बारूद रखा गया था। हमले के बाद हुए बड़े विस्फोटों और आग ने आसपास के कई घरों और इमारतों को प्रभावित किया। इलाके में लंबे समय तक आग और विस्फोट की स्थिति बनी रही, जिससे राहत एवं बचाव अभियान भी चुनौतीपूर्ण हो गया।
स्थानीय क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको के अनुसार हमले में कम से कम 52 लोग घायल हुए हैं। बचावकर्मी घटनास्थल पर आग बुझाने, मलबे में लोगों की तलाश करने और विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित करने में जुटे रहे।
विस्फोटकों के भंडारण की जांच
जेलेंस्की ने मायला में हुई घटना को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने संकेत दिया कि इस बात की जांच की जा रही है कि आबादी वाले इलाके के इतने करीब गोला-बारूद या विस्फोटक सामग्री क्यों रखी गई थी।
यूक्रेनी प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि हमले के दौरान इतनी बड़ी तबाही क्यों हुई और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। इस जांच के नतीजे भविष्य में सैन्य सामग्री के भंडारण और नागरिक इलाकों की सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।
मायला की घटना ऐसे समय हुई है जब रूस ने हाल के दिनों में यूक्रेन के खिलाफ अपने हवाई अभियान को तेज किया है। कीव और उसके आसपास लगातार हवाई हमले के सायरन सुनाई दे रहे हैं। दिन के समय राजधानी पर हमलों की तीव्रता में वृद्धि ने नागरिकों और प्रशासन दोनों के लिए नई चुनौती पैदा की है।
रूस ने ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमलों की चेतावनी दी
रूस ने रविवार को यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी का संकेत दिया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने इसे यूक्रेन की ड्रोन कार्रवाई का जवाब बताया है। मॉस्को ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने रूस की ऑनलाइन खुदरा कंपनियों और तेल-गैस क्षेत्र से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया है।
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क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भी यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र के खिलाफ संभावित बड़े हमलों को उचित प्रतिक्रिया बताया। उनका आरोप है कि कीव रूस की नागरिक अर्थव्यवस्था को निशाना बनाकर संघर्ष को और बढ़ा रहा है।
रूस का कहना है कि वह यूक्रेन के सैन्य और युद्ध से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। दूसरी ओर, यूक्रेन लगातार रूस पर नागरिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को प्रभावित करने वाले हमले करने का आरोप लगाता रहा है।
रूसी शहर में ओजोन सुविधा पर ड्रोन हमला
इसी बीच रूस के बेलगोरोद सीमा क्षेत्र में ऑनलाइन रिटेल कंपनी ओजोन की एक लॉजिस्टिक्स सुविधा को यूक्रेनी ड्रोन ने निशाना बनाया। हमले के बाद वहां आग लग गई। कंपनी ने कहा कि उसे कई लोगों के घायल होने की आशंका है।
यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों में से एक वाइल्डबेरीज को भी अपने ड्रोन अभियान के निशाने पर लिया है। कीव का दावा है कि कंपनी के जरिए ऐसे सामान की बिक्री होती है जिनका सैन्य उपयोग किया जा सकता है। हालांकि संबंधित कंपनी ने इन आरोपों से इनकार किया है।
यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ाना बताया जाता है। रूस दुनिया के प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देशों में शामिल है, इसलिए ऊर्जा क्षेत्र पर लगातार हमले क्षेत्रीय और वैश्विक बाजारों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
सर्दियों से पहले यूक्रेन की बड़ी चिंता
यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक आने वाली सर्दी भी है। युद्ध के पिछले वर्षों में रूस ने यूक्रेन के बिजली नेटवर्क और ऊर्जा ढांचे को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया था। इन हमलों के कारण बड़ी संख्या में लोगों को बिजली और गर्मी की कमी का सामना करना पड़ा।
यूक्रेनी अधिकारियों ने कई बार चेतावनी दी है कि आगामी सर्दी देश के लिए बेहद कठिन हो सकती है। लंबे समय तक चल रहे युद्ध ने ऊर्जा ढांचे पर पहले ही भारी दबाव डाला है। ऐसे में रूस की ओर से ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर नए हमलों की धमकी ने चिंता और बढ़ा दी है।
बिजली संयंत्रों, ट्रांसमिशन नेटवर्क और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर हमले नागरिक जीवन को सीधे प्रभावित कर सकते हैं। सर्दियों के दौरान तापमान में गिरावट के बीच बिजली और हीटिंग की उपलब्धता यूक्रेन के लाखों नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
कूटनीति और सैन्य दबाव के बीच यूक्रेन
यूक्रेन इस समय एक साथ दो मोर्चों पर चुनौती का सामना कर रहा है। एक तरफ देश रूसी हवाई हमलों और ऊर्जा ढांचे पर संभावित नए हमलों से निपटने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ जेलेंस्की सरकार युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्ते तलाश रही है।
अमेरिका की भूमिका इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बनी हुई है। वॉशिंगटन लंबे समय से रूस और यूक्रेन के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहा है। हालांकि दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने की शर्तों पर अभी भी गहरी असहमति है।
जेलेंस्की का कहना है कि यूक्रेन कूटनीति के जरिए समाधान तलाशने के लिए तैयार है, लेकिन कीव अपनी मूल राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को लेकर समझौता करने के लिए तैयार नहीं है। दूसरी ओर, रूस अपने रणनीतिक और क्षेत्रीय लक्ष्यों पर कायम है।








