उलेमा बोर्ड ने MVA को समर्थन देने के लिए रखी 17 शर्तें, शामिल हैं वक्फ बिल, RSS पर बैन और मुस्लिम आरक्षण

उलेमा बोर्ड ने MVA सरकार को समर्थन देने के लिए 17 शर्तें रखी हैं, जिनमें वक्फ बिल, RSS पर बैन और मुस्लिम आरक्षण जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। जानें इन शर्तों के

ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने एक बयान में कहा है कि इंडिया गठबंधन के नेताओं को मांग को स्वीकार करने के लिए एक आश्वासन पत्र प्रदान करना चाहिए।

Maharashtra elections 2024: जैसे-जैसे महाराष्ट्र में चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक हलचल भी तेज होती जा रही है। इस संदर्भ में, ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने महाविकास अघाड़ी (MVA) को पत्र लिखकर सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन देने की पेशकश की है। ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड एमवीए के उम्मीदवारों का प्रचार करने के लिए भी तैयार है, लेकिन इसके लिए उन्होंने कुछ शर्तें रखी हैं।

17 मांगों को लेकर एमवीए को लिखा गया पत्र

उलेमा बोर्ड ने MVA को समर्थन देने के लिए रखी 17 शर्तें, शामिल हैं वक्फ बिल, RSS पर बैन और मुस्लिम आरक्षण

ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने उद्धव ठाकरे, शरद पवार और नाना पटोले को अपनी 17 मांगों के साथ एक पत्र भेजा है। इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अगर एमवीए उनकी शर्तों को मानता है, तभी वे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उनका समर्थन करेंगे।

ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड की 17 शर्तें, एमवीए को समर्थन देने के लिए उठाए गए अहम मुद्दे

ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने महाराष्ट्र में एमवीए (महा विकास अघाड़ी) सरकार को समर्थन देने के लिए 17 शर्तें रखी हैं, जो विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर हैं। इनमें वक्फ बिल का विरोध, मुस्लिम आरक्षण, मस्जिदों और कब्रिस्तानों की ज़मीन का सर्वे, और कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।

उलेमा बोर्ड ने MVA को समर्थन देने के लिए रखी 17 शर्तें, शामिल हैं वक्फ बिल, RSS पर बैन और मुस्लिम आरक्षण

1. वक्फ बिल का विरोध

2. नौकरी और शिक्षा में 10% मुस्लिम आरक्षण

3. महाराष्ट्र के 48 जिलों में मस्जिद, कब्रिस्तान और दरगाह की जब्त ज़मीन का सर्वे

 4. महाराष्ट्र के वक्फ मंडल के विकास के लिए 1000 करोड़ का फंड दिया जाए.

5. 2012-2024 के बीच दंगे फैलाने के आरोपों में जेल में बंद निर्दोष मुसलमानों को रिहा किया जाए

6. मौलाना सलमान अजहरी को जेल से बाहर निकालने के लिए एमवीए के 30 सांसद पीएम मोदी को खत लिखें

7. मस्जिदों के इमाम और मौलाना को हर महीने 15,000 रुपये देने का वादा

8. पुलिस भर्ती में मुस्लिम युवाओं को प्राथमिकता दी जाए

9. शिक्षित मुस्लिम समुदाय को पुलिस भर्ती में प्राथमिकता मिले

10. रामगिरी महाराज और नितेश राणे को जेल भेजने के लिए इंडिया गठबंधन को विरोध करना चाहिए

11. सरकारी समिति में मुफ्ती मौलाना और मस्जिद के इमामों को शामिल किया जाए

12. 2024 विधानसभा चुनाव में मुस्लिम समुदाय के 50 उम्मीदवारों को टिकट दिया जाए

13. राज्य वक्फ बोर्ड में 500 कर्मचारियों की भर्ती की जाए

14. वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर अतिक्रमण हटाने के लिए कानून पारित किया जाए

15. पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ बोलने वालों पर कानूनी प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बने

16. इंडिया गठबंधन के सहयोगियों द्वारा सरकार बनने पर आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया जाए

17. 48 जिलों में चुनाव प्रचार के लिए उलेमा बोर्ड को आवश्यक मशीनरी मुहैया कराई जाए

ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने इस बयान में कहा है कि इन मांगों को मंजूरी देने के लिए इंडिया गठबंधन के नेताओं जैसे नाना पटोले, उद्धव ठाकरे, और शरद पवार से आश्वासन पत्र प्राप्त करना चाहिए।

इससे यह साफ होता है कि उलेमा बोर्ड के लिए इन मुद्दों का राजनीतिक और सामाजिक महत्व है, और वे अपनी शर्तों को पूरा करने के बाद ही एमवीए सरकार को समर्थन देने को तैयार हैं।

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