उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने वाराणसी में ESIC मेडिकल कॉलेज और मुरादाबाद व गोरखपुर में 100-100 बेड के ESIC अस्पताल स्थापित करने को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से लाखों बीमित श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने वाराणसी में ESIC मेडिकल कॉलेज और मुरादाबाद व गोरखपुर में 100-100 बेड के अस्पताल स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं का निर्माण केंद्र सरकार के सहयोग से किया जाएगा।
वाराणसी में बनेगा ESIC मेडिकल कॉलेज
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने वाराणसी में ESIC मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दे दी है। यह मेडिकल कॉलेज पिंडरा तहसील के ग्राम पिंडरा में स्थापित किया जाएगा। सरकार के अनुसार कुल 17.563 हेक्टेयर भूमि में से लगभग 13 एकड़ जमीन कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। यहां पहले से संचालित ESIC अस्पताल का विस्तार कर इसे मेडिकल कॉलेज का स्वरूप दिया जाएगा।

परियोजना पर लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद यहां MBBS की पढ़ाई भी होगी। सरकार के मुताबिक अधिकांश सीटें उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध रहेंगी, जबकि बीमित कर्मचारियों के बच्चों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा। भविष्य में यहां नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू करने की भी योजना है।
लाखों श्रमिकों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का कहना है कि इस मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के करीब 1.45 लाख ESIC कार्डधारक श्रमिकों और उनके लगभग 5.50 लाख आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इससे पूर्वांचल क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य बीमित श्रमिकों और उनके परिवारों को उनके क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।
मुरादाबाद और गोरखपुर में बनेंगे 100-100 बेड के अस्पताल
कैबिनेट ने मुरादाबाद और गोरखपुर में 100-100 बेड के ESIC अस्पताल स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। मुरादाबाद के हरथला गांव में करीब 2.025 हेक्टेयर सरकारी भूमि अस्पताल निर्माण के लिए निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इस अस्पताल से जिले के 93 हजार से अधिक बीमित श्रमिकों और उनके 3.55 लाख से ज्यादा आश्रितों को उपचार की सुविधा मिलेगी।
वहीं गोरखपुर में गीडा सेक्टर-9 के संस्थागत क्षेत्र में लगभग 5.249 एकड़ भूमि पर अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन बाजार मूल्य के बजाय रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे परियोजना की लागत कम होगी और निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
राज्य सरकार का मानना है कि इन तीनों परियोजनाओं के शुरू होने से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि चिकित्सा, नर्सिंग, तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इससे वाराणसी, मुरादाबाद, गोरखपुर और आसपास के जिलों के लाखों लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगी।
सरकार के अनुसार केंद्र और राज्य के समन्वय से इन परियोजनाओं को जल्द शुरू करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इन संस्थानों के निर्माण के बाद प्रदेश में ESIC स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क और मजबूत होगा तथा बीमित श्रमिकों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।












