ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध के दौरान देश के कई हिस्सों में एलपीजी संकट की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चौंकाने वाला दावा किया है।
लखनऊ: देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर आ रही शिकायतों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि गैस संकट से नाराज़ जनता के डर से भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे हटा लिए हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय तनाव और सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर कई राज्यों में लोगों ने चिंता जताई है। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी बड़े संकट की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सोशल मीडिया पर गैस की कमी को लेकर लगातार पोस्ट सामने आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी सियासी हलचल
Samajwadi Party प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अगर सत्ताधारी दल कह रहा है कि गैस की कोई कमी नहीं है, तो उसके नेता जनता के बीच क्यों नहीं दिख रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता जनता के गुस्से से बचने के लिए सामने आने से बच रहे हैं।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि कुछ नेताओं ने अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे तक हटा लिए हैं ताकि लोग उन्हें पहचान न सकें। उनका यह बयान तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

BJP पर लगाया संकट छिपाने का आरोप
अखिलेश यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब-जब देश में किसी जरूरी चीज की कमी होती है, तब सत्ताधारी दल उस समस्या को स्वीकार करने के बजाय उसे नकारने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि पहले भी महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी को लेकर सवाल उठे थे और अब गैस व खाद की उपलब्धता को लेकर लोग परेशान हैं।
उनके मुताबिक, सरकार को समस्या से इनकार करने के बजाय जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। सपा प्रमुख ने अपने बयान में यह भी कहा कि अगर स्थिति गंभीर है तो सरकार और सत्ताधारी दल को आगे आकर लोगों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जरूरत पड़ने पर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए मुफ्त भोजनालय चलाए जाएं, ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
अखिलेश यादव ने कहा कि जनता को किसी भी संकट का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए और सरकार की जिम्मेदारी है कि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करे।









