UPSC Result 2025: रैंकिंग को लेकर भड़का विवाद, कई गलत दावे आए सामने

UPSC रिजल्ट 2025 के बाद कई फर्जी रैंक दावे सामने आए, अधिकारियों और PIB India की जांच ने असली रैंकधारियों की पुष्टि की।

UPSC Result 2025 के बाद कई जगह फर्जी रैंक दावे सामने आए, जिससे उम्मीदवारों और उनके परिवारों में भ्रम फैल गया। गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह को 301वीं रैंक मिली, जबकि बुलंदशहर, बिहार और अन्य राज्यों में कई लोगों ने गलत दावे किए। आयोग और PIB India के आधिकारिक स्पष्टीकरण से वास्तविक रैंकधारियों की पहचान हुई।

UPSC Result 2025: सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट 6 मार्च 2026 को घोषित होने के बाद देशभर में फर्जी रैंक दावे सामने आए। गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह को 301वीं रैंक मिली, जबकि बुलंदशहर की शिखा गौतम और बिहार के रंजीत कुमार ने अपनी रैंक का गलत दावा किया। अधिकारियों और आयोग ने जांच कर वास्तविक रैंकधारियों की पुष्टि की, जिससे सोशल मीडिया पर फैले भ्रम को खत्म किया गया।

UPSC रिजल्ट 2025 के बाद फर्जी रैंक के दावे

सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट 6 मार्च 2026 को घोषित होने के बाद देशभर में कई जगह फर्जी रैंक दावे सामने आए। गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह को 301वीं रैंक मिली, जबकि बिहार की एक महिला ने भी इसी रैंक का दावा किया। इसके अलावा बुलंदशहर की शिखा गौतम और बिहार के रंजीत कुमार जैसे मामलों में गलत दावे सामने आए। प्रशासनिक जांच और आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड से इन दावों की असलियत स्पष्ट हुई।

UPSC Result 2025: रैंकिंग को लेकर भड़का विवाद, कई गलत दावे आए सामने

301वीं रैंक विवाद

301वीं रैंक को लेकर दो महिलाओं के दावे ने सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा दिया। बिहार की एक उम्मीदवार और गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह ने दोनों ने सफलता का दावा किया।
आखिरकार PIB India की प्रेस रिलीज में स्पष्ट किया गया कि असली रैंकधारी गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह हैं, उनकी माता का नाम नीलम सिंह है। इस स्पष्टीकरण ने लंबे समय से चल रहे भ्रम को खत्म किया।

बुलंदशहर और बिहार में फर्जी दावे

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की शिखा गौतम ने दावा किया कि उन्हें 113वीं रैंक मिली है, लेकिन जांच में यह गलत साबित हुआ। सही उम्मीदवार हरियाणा से हैं।
बिहार के शेखपुरा में रंजीत कुमार ने खुद को 440वीं रैंकधारी बताया, जबकि वास्तविक रैंकधारी कर्नाटक के रंजीथ कुमार हैं। नाम के छोटे अंतर का फायदा उठाकर उन्होंने लोगों को भ्रमित किया।

79वीं रैंक और प्रियंका चौधरी का मामला

79वीं रैंक को लेकर भी भ्रम फैला। राजस्थान की प्रियंका चौधरी ने चौथे प्रयास में यह रैंक हासिल की। वहीं, उत्तर प्रदेश की प्रियंका चौधरी का नाम सोशल मीडिया पर उसी रैंक के साथ जुड़ा।
असली प्रियंका चौधरी बीकानेर की हैं और उनका पति 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वे चौथी प्रयास में मिली सफलता के साथ अपने क्षेत्र में सम्मानित हैं।

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