भारतीय अनुभवी शटलर किदांबी श्रीकांत का सीजन का पहला खिताब जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। US Open Super 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में 33 वर्षीय श्रीकांत को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रनर-अप बनकर ही संतोष करना पड़ा।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय बैडमिंटन स्टार और पूर्व विश्व नंबर-1 किदांबी श्रीकांत का US Open Super 300 खिताब जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। एक घंटे से अधिक चले रोमांचक फाइनल मुकाबले में उन्हें चीनी ताइपे के सू ली-यांग के खिलाफ 15-21, 21-16, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ सू ली-यांग ने अपने करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब भी अपने नाम किया। यह श्रीकांत का इस सीजन का पहला फाइनल था, जहां वे मजबूत प्रदर्शन के बावजूद निर्णायक गेम में लय बरकरार नहीं रख सके।
पहला गेम: शुरुआती बढ़त के बावजूद श्रीकांत की वापसी अधूरी
फाइनल की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। श्रीकांत ने आक्रामक शुरुआत की, लेकिन एक अहम अनफोर्स्ड एरर ने उन्हें शुरुआती झटका दिया। सू ली-यांग ने इसका फायदा उठाते हुए 7-2 की बढ़त बना ली। हालांकि, श्रीकांत ने शानदार वापसी करते हुए 11 में से 8 अंक जीतकर स्कोर 10-10 से बराबर कर दिया और मिड-गेम ब्रेक तक 11-10 से आगे भी निकल गए।
लेकिन ब्रेक के बाद सू ली-यांग ने रफ्तार बढ़ा दी। तेज रैलियों और सटीक शॉट्स के दम पर उन्होंने श्रीकांत को लगातार गलतियों के लिए मजबूर किया और पहला गेम 21-15 से अपने नाम कर लिया।
दूसरा गेम: श्रीकांत की दमदार वापसी
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दूसरे गेम में भारतीय शटलर ने मैच में शानदार वापसी की। शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और स्कोर 4-4 तक बराबर रहा। इसके बाद श्रीकांत ने लगातार तीन अंक जीतकर 7-4 की बढ़त बनाई। हालांकि सू ली-यांग ने वापसी की कोशिश की और स्कोर 8-8 कर दिया।ब्रेक तक श्रीकांत 11-8 से आगे रहे। इसके बाद उन्होंने नेट प्ले और सटीक स्मैश की मदद से बढ़त बनाए रखी और स्कोर 18-13 तक पहुंचाया।
सू ली-यांग ने गेम पॉइंट पर वापसी की कोशिश करते हुए कुछ अंक बचाए, लेकिन श्रीकांत ने निर्णायक स्मैश लगाकर दूसरा गेम 21-16 से जीत लिया और मैच को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
तीसरा गेम: सू ली-यांग का दबदबा
निर्णायक गेम में सू ली-यांग ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने तेज स्मैश और लगातार दबाव बनाते हुए 4-1 की बढ़त हासिल की। श्रीकांत ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन लगातार हुई अनफोर्स्ड गलतियों ने उनकी चुनौती कमजोर कर दी। ब्रेक तक सू ली-यांग 11-7 से आगे थे। ब्रेक के बाद उन्होंने पूरी तरह मैच पर नियंत्रण बना लिया और स्कोर 15-7 और फिर 18-8 तक पहुंचा दिया।
श्रीकांत की ओर से लगातार शॉट्स कोर्ट से बाहर जाने लगे, जिससे सू ली-यांग को कई चैंपियनशिप पॉइंट मिले। अंततः उन्होंने तीसरा गेम 21-9 से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ सू ली-यांग ने BWF वर्ल्ड टूर में अपना पहला खिताब जीतकर करियर की बड़ी उपलब्धि हासिल की। पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन स्थिर और प्रभावशाली रहा, खासकर फाइनल में उन्होंने निर्णायक गेम में पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा।









