उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, देहरादून में बनेंगे 2045 मतदान केंद्र, बुजुर्गों को मिलेगी घर से मतदान की सुविधा

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए देहरादून में 2045 मतदान केंद्र तय किए गए हैं। बुजुर्गों को घर से मतदान और दिव्यांगों को विशेष सुविधाएं मिलेंगी।

देहरादून जिला प्रशासन ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले की 10 विधानसभा सीटों के लिए 2045 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के साथ बर्फबारी और नेटवर्क की समस्याओं से निपटने की योजना बनाई जा रही है।

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर देहरादून जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले की 10 विधानसभा सीटों के लिए 2045 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, रैंप और शेड जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का विशेष ध्यान बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों, नेटवर्क की समस्या वाले मतदान केंद्रों और बुजुर्गों व दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा पर है।

देहरादून में 2045 मतदान केंद्र, प्रशासन ने तेज की चुनावी तैयारियां

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले की 10 विधानसभा सीटों पर कुल 2045 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें 766 मतदान केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में और 1279 शहरी क्षेत्रों में हैं।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, देहरादून में बनेंगे 2045 मतदान केंद्र, बुजुर्गों को मिलेगी घर से मतदान की सुविधा

जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में निर्वाचन कार्यों के लिए नियुक्त नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, रैंप और शेड जैसी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन केंद्रों पर चार से पांच मतदान बूथ हैं, वहां मतदाताओं की आवाजाही आसान बनाने के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते बनाने को कहा गया है। इसके अलावा मतदान केंद्रों के नामों का सत्यापन और चुनावी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बर्फबारी और नेटवर्क की समस्या वाले मतदान केंद्रों पर विशेष नजर

देहरादून जिले में चुनावी तैयारियों के दौरान मौसम और संचार व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां भी सामने हैं। प्रशासन के अनुसार, मसूरी के सात और चकराता के 12 मतदान केंद्र ऐसे क्षेत्रों में हैं, जहां नेटवर्क की समस्या रहती है। इन 19 केंद्रों पर संचार व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा फरवरी में जिले के 65 मतदान केंद्रों पर बर्फबारी की आशंका को देखते हुए आकस्मिक योजना तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य खराब मौसम के दौरान मतदान संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावित होने से बचाना है।

देहरादून की सीमाएं हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तथा उत्तराखंड के अन्य जिलों से लगती हैं। इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के लिए जांच चौकियां स्थापित करने और उड़नदस्ता दल तथा वीडियो निगरानी दल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। नकदी और शराब की अवैध आवाजाही रोकने के लिए भी निगरानी मजबूत की जाएगी।

बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं को मिलेंगी विशेष सुविधाएं

विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद देहरादून जिले में कुल 11,94,797 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 6,17,041 पुरुष, 5,77,706 महिलाएं और 50 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। जिले में 10,201 दिव्यांगजन और 85 वर्ष से अधिक आयु के 7,845 मतदाता हैं।

प्रशासन ने बुजुर्ग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा देने की योजना बनाई है। वहीं, दिव्यांग मतदाताओं की सहायता के लिए व्हीलचेयर, स्वयंसेवक, डोली और पालकी जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि उन्हें मतदान करने में परेशानी न हो।

इसके साथ ही, जिन मतदान केंद्रों पर पिछले चुनावों में 50 प्रतिशत से कम मतदान हुआ था, वहां मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत लोगों को मतदान के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं का मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने पर भी जोर रहेगा।

प्रशासन बुक्सा जनजाति के 40 गांवों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाने की तैयारी कर रहा है। पुलिसकर्मियों, निर्वाचन कर्मचारियों और अन्य संबंधित कर्मियों के मतदान की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को प्रशिक्षण, कर्मचारियों का विवरण तैयार करने और चुनाव से जुड़ी अन्य प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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