उत्तराखंड में ओलावृष्टि से 17 हजार हेक्टेयर से अधिक फसलें प्रभावित, केंद्र से अतिरिक्त मदद मांगेगी धामी सरकार

उत्तराखंड में 9 और 10 अक्टूबर की ओलावृष्टि से 17 हजार हेक्टेयर से अधिक फसलें प्रभावित हुईं। धामी सरकार किसानों के लिए केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक मदद मांगेगी।

उत्तराखंड में 9 और 10 अक्टूबर को हुई ओलावृष्टि से 17 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। धामी सरकार किसानों को अतिरिक्त राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता मांगेगी।

देहरादून: उत्तराखंड में अक्टूबर में हुई ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार प्रभावित किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता दिलाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही राज्य की ओर से अतिरिक्त मदद देने की घोषणा कर चुके हैं। अब सरकार केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजकर केंद्र से भी राहत देने का अनुरोध करेगी।

ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को अतिरिक्त राहत दिलाने की तैयारी

उत्तराखंड में ओलावृष्टि से 17 हजार हेक्टेयर से अधिक फसलें प्रभावित, केंद्र से अतिरिक्त मदद मांगेगी धामी सरकार

देहरादून: उत्तराखंड में 9 और 10 अक्टूबर को हुई ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार अब केंद्र सरकार से भी आर्थिक सहायता मांगने की तैयारी कर रही है। राज्य में ओलावृष्टि के कारण 17 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट की आशंका बढ़ गई है। राज्य सरकार पहले ही प्रभावित किसानों को अपनी ओर से अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा कर चुकी है। अब प्रयास किया जा रहा है कि किसानों को फसल नुकसान के अनुपात में अधिक आर्थिक राहत मिल सके।

17 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलों को नुकसान

उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद 9 और 10 अक्टूबर को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। इस प्राकृतिक आपदा से राज्य के कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 17 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। इसका असर किसानों की आय और आगामी कृषि गतिविधियों पर पड़ने की आशंका है।

ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार जिले फसल क्षति से सबसे अधिक प्रभावित बताए गए हैं। इन क्षेत्रों में किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार राहत के उपायों पर काम कर रही है। फसलें प्रभावित होने से किसानों के सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में सरकार का जोर प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर है।

आपदा राहत के निर्धारित मानकों के अनुसार, 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति वाले क्षेत्र का दायरा 16 हेक्टेयर से अधिक बताया गया है। इस स्थिति में प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार उपलब्ध प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रही है।

धामी सरकार ने अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की

ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर चुके हैं। यह सहायता आपदा राहत के निर्धारित मानकों के अनुरूप दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसानों को फसल नुकसान के कारण पैदा हुई आर्थिक परेशानियों से उबरने में मदद करना है।

हालांकि, राज्य सरकार केवल अपने स्तर पर सहायता देने तक सीमित नहीं रहना चाहती। सरकार की कोशिश है कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र से भी अतिरिक्त आर्थिक मदद मिल सके। इससे प्रभावित किसानों को राहत देने के प्रयासों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र भेजेगी राज्य सरकार

केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त करने के लिए उत्तराखंड सरकार केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजने की तैयारी कर रही है। इस मुद्दे को हाल ही में रबी सीजन की समीक्षा बैठक के दौरान भी उठाया गया था। उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री के समक्ष ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की समस्या रखी थी।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार को इस संबंध में पत्र भेजा जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र की ओर से आपदा प्रभावित किसानों को कुछ न कुछ आर्थिक राहत अवश्य मिलेगी।

राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी फसलों को हुए नुकसान के अनुपात में पर्याप्त सहायता मिल सके। अब केंद्र सरकार से प्रस्तावित मदद को लेकर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। यदि अतिरिक्त सहायता मिलती है, तो इससे ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत पहुंचाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल राज्य सरकार की ओर से केंद्र से सहयोग प्राप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

Leave a comment