डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, लोक भवन में ली पद और गोपनीयता की शपथ

Uttarakhand New Governor News: डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने लोक भवन में उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। जानें शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ी

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति का अधिपत्र पढ़कर सुनाया।

देहरादून: डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के साथ उन्होंने राज्य के संवैधानिक प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने डॉ. बिसेन को शपथ दिलाई। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान के साथ हुई। इससे पहले मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति संबंधी अधिपत्र पढ़कर सुनाया। डॉ. बिसेन ने लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लिया है। गुरमीत सिंह सितंबर 2021 से उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे। डॉ. बिसेन की नियुक्ति के साथ राज्य को नया संवैधानिक प्रमुख मिल गया है।

मध्य प्रदेश की राजनीति में रहा है लंबा अनुभव

डॉ. ढाल सिंह बिसेन का राजनीतिक सफर मध्य प्रदेश से जुड़ा रहा है। वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं और राज्य की राजनीति में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। पेशे से चिकित्सक और कृषक रहे डॉ. बिसेन को विधायी कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव है।

उनका जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। अपने राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने राज्य विधानसभा और लोकसभा, दोनों में प्रतिनिधित्व किया। उनके अनुभव को उत्तराखंड में संवैधानिक पद की जिम्मेदारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चार बार विधायक और एक बार सांसद चुने गए

डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, लोक भवन में ली पद और गोपनीयता की शपथ

डॉ. बिसेन वर्ष 1990 से 2008 के बीच चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए। विधायक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री पदों पर भी काम किया। वह वन, परिवहन एवं खनिज तथा स्कूल शिक्षा एवं जेल जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी भूमिका निभाई। मई 2019 में वह मध्य प्रदेश के बालाघाट संसदीय क्षेत्र से 17वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। सांसद के रूप में उनका कार्यकाल वर्ष 2024 में समाप्त हुआ।

राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर काम करने का अनुभव उनके सार्वजनिक जीवन का प्रमुख हिस्सा रहा है। अब राज्यपाल के रूप में उनकी भूमिका राजनीतिक पदों से अलग होगी, क्योंकि इस पद पर संविधान के प्रावधानों के अनुसार कार्य करना अपेक्षित है।

देहरादून पहुंचने पर मिला गार्ड ऑफ ऑनर

शपथ ग्रहण से पहले डॉ. बिसेन रविवार शाम देहरादून पहुंचे थे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और जिलाधिकारी आशीष चौहान सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।उनके आगमन के बाद शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। सोमवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने औपचारिक रूप से राज्यपाल का पद संभाला।

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