उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। कई जगह भूस्खलन से सड़कें प्रभावित हुई हैं और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी आवाजाही बाधित हुई है।
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई को देहरादून, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें प्रभावित हुई हैं, जबकि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी यातायात बाधित होने की सूचना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पर्वतीय इलाकों में बढ़ा खतरा
उत्तराखंड में लगातार सक्रिय मानसून के चलते मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अन्य पर्वतीय जिलों में भी तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ स्थानों पर बारिश का दौर तीव्र से अति तीव्र हो सकता है, जिससे भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा।
देहरादून में बुधवार को सुबह धूप और बादलों के बीच मौसम बदलता रहा। दोपहर बाद अचानक हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन शाम तक शहर के कई इलाकों में जलभराव और फिसलन की स्थिति भी देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
भूस्खलन से केदारनाथ और मसूरी मार्ग प्रभावित
लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर पर्वतीय क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी भूस्खलन की वजह से कई बार आवाजाही बाधित हुई। हालांकि स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें लगातार मलबा हटाकर मार्ग को दोबारा खोलने में जुटी हुई हैं ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक समय तक प्रभावित न रहे।
वहीं मसूरी-देहरादून मार्ग पर भी खतरा बना हुआ है। पानी वाला बैंड क्षेत्र के पास पहाड़ी से मलबा और पेड़ गिरने के कारण यातायात कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। सड़क का एक हिस्सा पहले से क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहनों को एक लेन से निकाला जा रहा है। लगातार बारिश के चलते इस क्षेत्र में सफर करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। विशेष रूप से चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की भी हिदायत दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को पहले से तैनात रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मशीनरी तैयार है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें।










