दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे युवा आंदोलन के समर्थन में उत्तराखंड के कई जिलों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इसे देखते हुए सरकार ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
देहरादून: दिल्ली में जारी युवा आंदोलन का असर अब उत्तराखंड में भी दिखाई देने लगा है। राज्य के विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन शुरू होने के बाद शासन और पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों के साथ सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
युवा आंदोलन को लेकर सरकार हुई सतर्क
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे युवा आंदोलन के समर्थन में उत्तराखंड के कई जिलों में भी प्रदर्शन और धरना कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों को देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शासन ने सभी जिलों से लगातार स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
सरकार को आशंका है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की आड़ में कुछ असामाजिक या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्व माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से पूरे घटनाक्रम पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
खुफिया एजेंसियां और पुलिस लगातार कर रही निगरानी
राज्य सरकार ने खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया है और पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया इकाइयों की गतिविधियां भी बढ़ा दी गई हैं।
इसके अलावा सोशल मीडिया और अन्य इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले संदेशों, वीडियो और पोस्ट पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि अफवाह या भ्रामक जानकारी के जरिए कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
कई जिलों में हुए प्रदर्शन
मंगलवार को उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में युवाओं ने धरना-प्रदर्शन किए। प्रशासन का प्रयास है कि ये प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहें और किसी भी स्थिति में हिंसक रूप न लें।
इसी उद्देश्य से जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को लगातार अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों से शासन स्तर पर नियमित फीडबैक भी लिया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान करती है। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति या संगठन हिंसा फैलाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस, खुफिया एजेंसियां और जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।








