वेनेज़ुएला: मौतों का आंकड़ा 1450 पार, लापता लोगों की संख्या 46000 से अधिक, राहत और बचाव अभियान जारी

वेनेज़ुएला में दोहरे भूकंप के बाद बचाव अभियान जारी है। अब तक 1450 से अधिक मौत हो गई, 46000 लापता। काराकास समेत कई इलाकों में भारी तबाही और राहत कार्य तेज।

वेनेज़ुएला में आए दोहरे भूकंप के बाद बचाव अभियान तेज है। अब तक 1450 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 46000 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। Caracas समेत कई इलाकों में भारी तबाही हुई है और मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है।

काराकास: वेनेज़ुएला में बुधवार को आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार अब तक कम से कम 1,450 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि यह संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हजारों लोग अभी भी लापता हैं और बचाव दल मलबे में दबे जीवित लोगों की तलाश में जुटे हैं।

सरकारी और अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 7.2 और 7.5 मापी गई थी, जिसने देश के कई तटीय और शहरी क्षेत्रों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

46,000 से अधिक लोग लापता, परिवारों में बढ़ती चिंता

लापता लोगों की स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है। एक लापता व्यक्तियों की वेबसाइट पर 46,000 से अधिक लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं, जिससे संकट की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

राजधानी काराकास और आसपास के इलाकों में अस्पतालों की दीवारों पर लापता लोगों की तस्वीरें लगातार बढ़ती जा रही हैं। परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में दिन-रात अस्पतालों और राहत शिविरों के चक्कर लगा रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कई परिवार अभी भी अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, जिससे अनिश्चितता और तनाव का माहौल बना हुआ है।

बचाव अभियान में जुटी अंतरराष्ट्रीय टीमें

वेनेज़ुएला में अब कई देशों से खोज और बचाव दल पहुंच चुके हैं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए विशेष उपकरण, स्निफर डॉग्स और भारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, कई क्षेत्रों में अभी भी पर्याप्त उपकरणों की भारी कमी बनी हुई है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। ब्रिटेन की एक फायर एंड रेस्क्यू टीम भी ऑपरेशन में शामिल है। 

वेस्ट मिडलैंड्स फायर सर्विस के अधिकारी मार्क लीसन ने बताया कि उनकी टीम विशेष रूप से प्रशिक्षित खोजी कुत्तों की मदद से जीवित बचे लोगों की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि सामान्यतः किसी भी बड़े आपदा के बाद “96 घंटे का सुनहरा समय” होता है, जिसके भीतर जीवित लोगों के मिलने की संभावना अधिक रहती है। यह समय रविवार शाम को समाप्त हो चुका है, लेकिन अब भी “चमत्कारी बचाव” की उम्मीदें बनी हुई हैं।

वेनेज़ुएला: मौतों का आंकड़ा 1450 पार, लापता लोगों की संख्या 46000 से अधिक, राहत और बचाव अभियान जारी

‘मिरैकल रेस्क्यू’ की उम्मीदें बरकरार

बचाव दलों का कहना है कि अब अधिकांश जीवित लोगों के मिलने की संभावना कम हो गई है, लेकिन कभी-कभी मलबे से “चमत्कारी बचाव” के मामले सामने आते हैं। इसी उम्मीद के सहारे टीमें लगातार काम कर रही हैं। राहत कर्मियों ने बताया कि कुछ स्थानों पर लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं और संकेत मिलने पर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

अस्पतालों में भीड़, संसाधनों की भारी कमी

वेनेज़ुएला के अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ है। कई अस्पतालों में बेड, दवाओं और मेडिकल उपकरणों की कमी बताई जा रही है। कुछ इलाकों में स्थानीय लोग स्वयं भी राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। सबसे बड़ी चुनौती भारी मशीनरी की कमी है, जिससे मलबा हटाने और दबे लोगों को निकालने में देरी हो रही है। कई जगहों पर लोग अपने हाथों से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

एक पिता की दर्दनाक कहानी

एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उसने अपनी बेटी को मलबे से आधा बाहर निकाल लिया था, लेकिन आगे निकालने के लिए उसके पास जरूरी उपकरण नहीं हैं। यह स्थिति राहत कार्यों की सीमाओं और संसाधनों की कमी को उजागर करती है।

ला गुआइरा सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र

भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान तटीय राज्य ला गुआइरा में हुआ है, जो राजधानी क्षेत्र काराकास के पास स्थित है। ड्रोन से ली गई तस्वीरों में बड़े पैमाने पर तबाही दिखाई दे रही है—ढही हुई इमारतें, मलबे में तब्दील घर और टूटी सड़कें। यह क्षेत्र अब सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में गिना जा रहा है, जहां राहत कार्य बेहद कठिन परिस्थितियों में चल रहा है।

स्कूल बंद, राहत केंद्रों में तब्दील

वेनेज़ुएला सरकार ने घोषणा की है कि देश के सभी स्कूल अगले सप्ताह सोमवार तक बंद रहेंगे। कई स्कूलों को अस्थायी राहत शिविरों और दान केंद्रों में बदल दिया गया है, ताकि बेघर और प्रभावित लोगों को आश्रय दिया जा सके। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कदम आपात स्थिति को देखते हुए उठाया गया है और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए जरूरी है।

राहत कार्यों में समय के खिलाफ दौड़

विशेषज्ञों का कहना है कि आपदा के बाद 96 घंटे का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है, लेकिन यह समय अब समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद बचाव दल मलबे में किसी भी जीवित व्यक्ति की तलाश में लगातार काम कर रहे हैं। राहत एजेंसियों ने इसे “समय के खिलाफ दौड़” बताया है, जहां हर मिनट महत्वपूर्ण है और उम्मीदें धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही हैं।

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