Vidya Balan Casting Couch Story: होटल के कमरे में मिलने की जिद करने लगा था डायरेक्टर, विद्या बालन ने ऐसे किया खुद का बचाव

Vidya Balan Casting Couch Story: विद्या बालन ने कास्टिंग काउच से जुड़े अनुभव का खुलासा किया। जानें, होटल के कमरे में मिलने की जिद करने वाले डायरेक्टर से

बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। अपनी शानदार अदाकारी और बेबाक अंदाज के दम पर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई है।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन अपनी दमदार अदाकारी और बेबाक व्यक्तित्व के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपने करियर में कई ऐसी फिल्में की हैं, जिनमें उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों से खूब सराहना मिली। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने का उनका सफर आसान नहीं रहा। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें भी ऐसे अनुभव का सामना करना पड़ा, जिसने उन्हें असहज स्थिति में डाल दिया था।

विद्या बालन ने एक पुराने इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच से जुड़े एक वाकये का जिक्र किया था। अभिनेत्री के मुताबिक, एक फिल्म के सिलसिले में उनसे मिलने आए निर्देशक ने होटल के कमरे में बातचीत करने पर जोर दिया। विद्या को स्थिति ठीक नहीं लगी, इसलिए उन्होंने समझदारी से कदम उठाया। बाद में उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद उन्हें उस फिल्म से बाहर कर दिया गया था।

विद्या बालन ने इंटरव्यू में किया था खुलासा

विद्या बालन ने ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ को दिए एक इंटरव्यू में अपने करियर के शुरुआती दिनों का यह अनुभव साझा किया था। उन्होंने कहा था कि वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें कास्टिंग काउच जैसी स्थिति का सीधे सामना नहीं करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि एक घटना के दौरान उन्हें सतर्क रहना पड़ा था।

अभिनेत्री के अनुसार, उनके माता-पिता को हमेशा इस बात की चिंता रहती थी कि फिल्म इंडस्ट्री में काम करते समय उन्हें किसी अनुचित परिस्थिति का सामना न करना पड़े। विद्या ने कहा था कि उन्होंने इस तरह के अनुभवों के बारे में कई कहानियां सुनी थीं, लेकिन उनके साथ हुई एक घटना आज भी उन्हें याद है। यह वाकया उस समय का था, जब वह एक विज्ञापन की शूटिंग के लिए चेन्नई गई हुई थीं। इसी दौरान उन्हें एक फिल्म के सिलसिले में निर्देशक से मुलाकात करनी थी।

होटल के कमरे में बातचीत करने पर दिया जोर

Vidya Balan Casting Couch Story: होटल के कमरे में मिलने की जिद करने लगा था डायरेक्टर, विद्या बालन ने ऐसे किया खुद का बचाव

विद्या बालन ने इंटरव्यू में बताया था कि जब निर्देशक उनसे मिलने पहुंचे, तो उन्होंने बातचीत के लिए कॉफी शॉप में बैठने का सुझाव दिया। अभिनेत्री चाहती थीं कि मुलाकात किसी सार्वजनिक जगह पर हो, जहां वह सहज महसूस कर सकें। हालांकि, निर्देशक ने कॉफी शॉप में बैठने के बजाय होटल के कमरे में जाकर बातचीत करने पर जोर दिया। विद्या के लिए यह स्थिति असहज थी, क्योंकि वह उस समय अकेली थीं और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि निर्देशक कमरे में ही बात करने की जिद क्यों कर रहे हैं।

ऐसे में अभिनेत्री ने सतर्कता बरतने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि कमरे में जाने के बाद उन्होंने दरवाजा खुला छोड़ दिया। इस तरह उन्होंने अपनी सुरक्षा और सहजता को प्राथमिकता दी। विद्या के मुताबिक, दरवाजा खुला देखकर निर्देशक को समझ आ गया कि वहां रुकना उचित नहीं होगा। कुछ ही मिनटों के भीतर वह कमरे से बाहर चले गए। अभिनेत्री ने अपने इस फैसले के बारे में बताते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने उस समय परिस्थिति को समझकर सावधानी बरती थी।

घटना के बाद फिल्म से कर दिया गया बाहर

विद्या बालन ने इस अनुभव के बारे में बात करते हुए कहा था कि वह इसे सीधे तौर पर कास्टिंग काउच का अनुभव नहीं मानतीं। हालांकि, जब वह इंटरव्यू में इस घटना को याद कर रही थीं, तो उन्हें इससे जुड़ा एक और पहलू याद आया। अभिनेत्री ने बताया कि इस मुलाकात के बाद उन्हें उस फिल्म से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने यह बात हल्के अंदाज में कही थी, लेकिन यह घटना उनके शुरुआती करियर के मुश्किल अनुभवों में शामिल रही।

फिल्म इंडस्ट्री में काम पाने के लिए संघर्ष कर रहे कलाकारों के लिए ऐसी परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। विद्या का अनुभव इस बात की अहमियत भी सामने लाता है कि किसी भी पेशे में व्यक्तिगत सीमाओं और सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

टीवी से बॉलीवुड तक विद्या बालन का सफर

विद्या बालन ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत टेलीविजन से की थी। लोकप्रिय टीवी शो ‘हम पांच’ में काम करके उन्होंने दर्शकों के बीच पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने बंगाली फिल्म ‘भालो थेको’ के जरिए वर्ष 2003 में फिल्मों में कदम रखा। वर्ष 2005 में रिलीज हुई फिल्म ‘परिणीता’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान मजबूत की। इस फिल्म में उनके अभिनय को सराहना मिली और इसके बाद उनके लिए बॉलीवुड में नए अवसर खुले।

विद्या ने आगे चलकर ‘लगे रहो मुन्ना भाई’, ‘भूल भुलैया’, ‘पा’, ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘कहानी’ और ‘तुम्हारी सुलु’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। खास तौर पर ‘द डर्टी पिक्चर’ में उनके अभिनय को व्यापक प्रशंसा मिली और इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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