मुंबई में नवनिर्मित ईस्ट-वेस्ट विद्याविहार पुल के उद्घाटन से पहले ही उसके नाम को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने मांग की है कि पुल का नाम बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के नाम पर रखा जाए।
नई दिल्ली: मुंबई के विद्याविहार में नवनिर्मित ईस्ट-वेस्ट ब्रिज के नामकरण को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पुल का उद्घाटन होने से पहले ही इसके नाम को लेकर दो अलग-अलग प्रस्ताव सामने आए हैं। शिवसेना (यूबीटी) इस पुल का नाम दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के नाम पर रखने की मांग कर रही है, जबकि बीजेपी विधायक पराग शाह ने इसे कैप्टन स्मित मच्छर के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) इस मामले में क्या फैसला लेता है।
नाना पाटेकर के नाम पर पुल रखने की मांग
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से विद्याविहार ईस्ट-वेस्ट ब्रिज का नाम ‘पद्मश्री नाना पाटेकर सेतु’ रखने की मांग उठाई गई है। पार्टी ने इस मांग के समर्थन में पुल पर एक बैनर भी लगाया। इसके बाद नामकरण का मुद्दा स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा। इसमें पुल का नाम नाना पाटेकर के नाम पर रखने का अनुरोध किया गया।
नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता हैं। अपने अभिनय और सामाजिक कार्यों के लिए भी उनकी पहचान है। उनके नाम पर पुल का नाम रखने की मांग को लेकर पार्टी का तर्क है कि इस तरह शहर में उनकी पहचान और योगदान को सम्मान दिया जा सकता है।
बीजेपी विधायक ने क्यों सुझाया कैप्टन स्मित मच्छर का नाम?
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दूसरी ओर, बीजेपी विधायक पराग शाह ने इस पुल का नाम कैप्टन स्मित मच्छर के नाम पर रखने का प्रस्ताव अधिकारियों के सामने रखा है। कैप्टन मच्छर एक भारतीय कमर्शियल पायलट हैं, जिन्हें इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान को हवा में हाईजैक करने की कथित कोशिश को नाकाम करने के लिए सराहना मिली थी।
इस प्रस्ताव के सामने आने से पुल के नामकरण को लेकर बहस और तेज हो गई। एक ओर लोकप्रिय अभिनेता नाना पाटेकर का नाम है, तो दूसरी ओर विमानन क्षेत्र में साहस और जिम्मेदारी से जुड़ी पहचान रखने वाले कैप्टन स्मित मच्छर का नाम प्रस्तावित किया गया है। हालांकि, दोनों नामों में से किसी एक को अंतिम रूप दिए जाने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। अंतिम फैसला संबंधित नगर निकाय और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिया जाना है।
नामकरण पर क्रेडिट लेने का आरोप
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। BMC में सदन के नेता गणेश खनकर ने शिवसेना (यूबीटी) पर नामकरण के प्रस्ताव का श्रेय लेने के लिए विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया। खनकर ने नाना पाटेकर की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि वह देश के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में शामिल हैं। हालांकि, उनके मुताबिक, अभिनेता के नाम पर पुल रखने के बजाय किसी बड़े थिएटर या थिएटर कॉम्प्लेक्स का नाम रखना अधिक उपयुक्त होगा।
इस बयान से साफ है कि विवाद केवल दो नामों के बीच चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी बहस का विषय बन गया है कि सार्वजनिक स्थानों का नामकरण किस तरह और किन आधारों पर किया जाना चाहिए।
लंबे इंतजार के बाद तैयार हुआ विद्याविहार ईस्ट-वेस्ट ब्रिज
नामकरण विवाद के बीच इस पुल की अहमियत भी चर्चा में है। करीब 650 मीटर लंबा और दो लेन वाला यह पुल विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच संपर्क बेहतर बनाने के लिए बनाया गया है। यह पूर्वी हिस्से में रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को घाटकोपर की ओर पश्चिमी हिस्से में लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से जोड़ता है।
BMC के अनुसार, पुल का लगभग 100 मीटर हिस्सा रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरता है। इसके अप्रोच रोड पूर्वी तरफ करीब 220 मीटर और पश्चिमी तरफ करीब 330 मीटर लंबे हैं। परियोजना में स्टेशन के फुटपाथों से जुड़ने वाले रास्तों, टिकट बुकिंग कार्यालयों, स्टेशन मास्टर के कार्यालय और सीढ़ियों के पुनर्निर्माण जैसे काम भी शामिल हैं।







