विशाखापट्टनम स्टील प्लांट के एसएमएस-2 यूनिट में हुए हादसे पर केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने गहरा शोक जताया। उन्होंने राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए और कहा कि केंद्र सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
विशाखापट्टनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। यह दुर्घटना सोमवार को स्टील मेल्ट शॉप-2 (SMS-2) यूनिट में हुई, जिसमें कई श्रमिकों की जान चली गई और कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
केंद्रीय मंत्री ने घटना को “बेहद दुखद और पीड़ादायक” बताते हुए कहा कि काम के दौरान हुई इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि अपने प्रियजनों को खोने का दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।
राहत और बचाव कार्यों में तेजी के निर्देश
किशन रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेस्क्यू ऑपरेशन को युद्ध स्तर पर तेज किया जाए ताकि किसी भी फंसे हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता हर हाल में जीवन बचाने की होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बचाव कार्यों में किसी भी तरह की देरी या संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए और सभी उपलब्ध व्यवस्थाओं का तत्काल उपयोग किया जाए। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

घायलों के इलाज पर विशेष ध्यान
केंद्रीय मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि घायल श्रमिकों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि सरकार उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार अतिरिक्त चिकित्सा सहायता और संसाधन उपलब्ध कराएगी, ताकि किसी भी घायल व्यक्ति के इलाज में कोई कमी न रहे।
केंद्र सरकार की ओर से सहायता का आश्वासन
किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी और किसी को भी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि राहत कार्यों में पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावित लोगों तक तुरंत मदद पहुंच सके।
लगातार निगरानी और समन्वय
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वह इस पूरे मामले पर लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाती, तब तक केंद्र सरकार की निगरानी जारी रहेगी।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्टील प्लांट्स में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
हालांकि इस घटना की विस्तृत जांच अभी जारी है, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा की मांग तेज हो गई है।











