भीषण गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 जुलाई के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 12 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
नई दिल्ली: भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज़ हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा या इससे अधिक रहने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणाली और विभिन्न क्षेत्रों में बने निम्न दबाव के प्रभाव के कारण कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
किन राज्यों में बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट?
आईएमडी के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने और तेज़ झोंकों के साथ तूफानी मौसम भी बन सकता है।
पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ वज्रपात का जोखिम अधिक बताया गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम बदलेगा
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम और रात के समय मौसम अधिक सक्रिय हो सकता है। तेज़ हवाओं के कारण यातायात प्रभावित होने और जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और तेज़ हवाओं का पूर्वानुमान है।
निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और यातायात बाधित होने की आशंका जताई गई है। किसानों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष चेतावनी
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज़ हवाओं और खराब समुद्री परिस्थितियों के चलते समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की सक्रियता के साथ उत्तर भारत और पूर्वी भारत के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा निम्न दबाव के क्षेत्रों के कारण व्यापक वर्षा की स्थिति बन रही है। यही प्रणाली अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।










