केंद्र सरकार ने वरिष्ठ राजनयिक अधिकारी सुधाकर दलेला को नेपाल में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस नियुक्ति की घोषणा की। सुधाकर दलेला फिलहाल विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) के पद पर कार्यरत हैं।
नई दिल्ली: भारत सरकार ने वरिष्ठ भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी सुधाकर दलेला को नेपाल में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। वर्तमान में विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) की जिम्मेदारी संभाल रहे दलेला अपने लंबे राजनयिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने नेपाल और भूटान से जुड़े मामलों पर काम करने के साथ-साथ अमेरिका, इजरायल, बांग्लादेश, ब्राजील और स्विट्जरलैंड सहित कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारत और नेपाल के बीच व्यापार, ऊर्जा, संपर्क सुविधाओं और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विदेश मंत्रालय की घोषणा के अनुसार, सुधाकर दलेला काठमांडू में भारत के मौजूदा राजदूत नवीन श्रीवास्तव का स्थान लेंगे। नेपाल सरकार की औपचारिक सहमति मिलने के बाद वह अपना नया कार्यभार संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को भारत की पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौन हैं सुधाकर दलेला?
सुधाकर दलेला 1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने 1 सितंबर 2025 को विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) का पदभार संभाला था। इस भूमिका में उनकी जिम्मेदारियों में भारत की आर्थिक कूटनीति को आगे बढ़ाना, विकास सहयोग से जुड़े कार्यक्रमों का समन्वय करना और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर भारत का पक्ष मजबूत करना शामिल है।
इसके अलावा, दलेला अफ्रीकी देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने और बहुपक्षीय मंचों पर आर्थिक सहयोग से संबंधित वार्ताओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उनका कार्यक्षेत्र उभरती रणनीतिक प्रौद्योगिकियों से जुड़े विषयों तक फैला हुआ है। वह ब्रिक्स (BRICS), IBSA और I2U2 जैसे अंतरराष्ट्रीय समूहों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली कूटनीतिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं।
नेपाल और भूटान से जुड़े मामलों का लंबा अनुभव
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दलेला को भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को संभालने का व्यापक अनुभव है। विदेश मंत्रालय के उत्तरी प्रभाग में उन्होंने नेपाल और भूटान से संबंधित मामलों पर काम किया है। वर्ष 2006-07 में उन्होंने निदेशक (उत्तर) के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद 2016 से 2019 के बीच वह इसी प्रभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत रहे।
साल 2022 से 2025 तक दलेला ने भूटान में भारत के राजदूत के रूप में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्हें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर काम करने का अवसर मिला। नेपाल में उनकी नई जिम्मेदारी के लिहाज से पड़ोसी देशों से जुड़े मामलों का यह अनुभव अहम माना जा सकता है।
तेल अवीव, शिकागो और ढाका में भी कर चुके हैं काम
सुधाकर दलेला का राजनयिक करियर कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय केंद्रों तक फैला हुआ है। उन्होंने तेल अवीव, ब्रासीलिया, शिकागो, ढाका, जिनेवा, थिम्पू और वाशिंगटन डीसी में भारत की ओर से विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। अमेरिका में वह शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में कांसुल जनरल और वाशिंगटन डीसी में भारतीय मिशन के उप प्रमुख के रूप में कार्य कर चुके हैं। इन पदों पर रहते हुए उन्हें भारत के द्विपक्षीय संबंधों और विदेशों में भारतीय हितों से जुड़े विषयों पर काम करने का अनुभव मिला।
दलेला ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत के मिशन में भी दो बार सेवाएं दीं। वर्ष 2014 से 2016 तक उन्होंने जिनेवा में उप स्थायी प्रतिनिधि के रूप में काम किया। इसके अतिरिक्त, वाणिज्य विभाग में निदेशक (व्यापार नीति) के पद पर रहते हुए उन्होंने व्यापार नीति से जुड़े विषयों पर भी काम किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय में भी निभा चुके हैं अहम भूमिका
सुधाकर दलेला वर्ष 2009 से 2011 तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में निदेशक रहे। इस दौरान उनके कार्यक्षेत्र में दक्षिण एशिया, पूर्वी एशिया, हिंद-प्रशांत क्षेत्र, खाड़ी देशों, मध्य पूर्व और अफ्रीका के साथ भारत के संबंधों से जुड़े विषय शामिल थे। इस अनुभव ने उन्हें भारत की विदेश नीति के विभिन्न रणनीतिक पहलुओं पर काम करने का अवसर दिया।









