महिला सरपंच का आरोप, सचिव मोबाइल छीनकर OTP डालता है, गांव में 40 लाख के विकास कार्यों पर जांच के आदेश

मध्य प्रदेश में महिला सरपंच ने सचिव पर मोबाइल लेकर OTP दर्ज करने का आरोप लगाया। 40 लाख के विकास कार्यों पर CEO ने जांच के आदेश दिए।

मध्य प्रदेश के एक गांव में महिला सरपंच ने पंचायत सचिव पर मोबाइल लेकर OTP दर्ज करने और सरकारी राशि की जानकारी नहीं देने के आरोप लगाए हैं। गांव में करीब 40 लाख रुपये के विकास कार्यों पर सवाल उठने के बाद CEO ने जांच के आदेश दिए हैं।

मध्य प्रदेश: एक महिला सरपंच ने पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह उनके घर आकर मोबाइल ले लेता है और उस पर आने वाले OTP का इस्तेमाल करता है। सरपंच के मुताबिक, गांव के विकास के लिए आने वाली सरकारी राशि और उसके खर्च की जानकारी उन्हें नहीं मिलती। गांव में करीब 40 लाख रुपये के विकास कार्यों को लेकर उठे सवालों के बाद संबंधित CEO ने जांच के निर्देश दिए हैं।

महिला सरपंच ने पंचायत सचिव पर लगाए गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश के एक गांव में पंचायत के कामकाज और सरकारी राशि के इस्तेमाल को लेकर विवाद सामने आया है। महिला सरपंच ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव उनका मोबाइल अपने कब्जे में लेकर उसमें आने वाले OTP दर्ज करता है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें यह जानकारी नहीं मिलती कि गांव के विकास के लिए कितनी राशि आई और कब खाते से निकाली गई।

सरपंच के अनुसार, सचिव उनके घर पहुंचकर मोबाइल लेता है और OTP दर्ज करने के बाद वापस चला जाता है। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायत के वित्तीय लेनदेन और सरकारी धन के इस्तेमाल की जानकारी उन्हें नहीं मिल पा रही है।

हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। सचिव का पक्ष और संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

गांव में 40 लाख रुपये के विकास कार्यों पर सवाल

मामले में गांव में करीब 40 लाख रुपये की लागत से कराए गए विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि सरकारी राशि खर्च होने की जानकारी के बावजूद गांव में संबंधित कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते।

इस शिकायत के बाद पंचायत में खर्च की गई राशि, स्वीकृत परियोजनाओं और जमीन पर हुए निर्माण कार्यों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। जांच के दौरान यह देखा जा सकता है कि किन कार्यों के लिए कितना बजट जारी हुआ, भुगतान किस आधार पर किया गया और स्वीकृत योजनाओं के मुताबिक काम पूरा हुआ या नहीं।

सरकारी धन के इस्तेमाल से जुड़े ऐसे मामलों में वित्तीय दस्तावेजों और मौके पर मौजूद विकास कार्यों का मिलान करना जरूरी होता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

CEO ने दिए जांच के आदेश

महिला सरपंच की शिकायत और विकास कार्यों को लेकर उठे सवालों के बाद संबंधित CEO ने जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच में पंचायत के रिकॉर्ड, सरकारी राशि के लेनदेन और गांव में कराए गए कार्यों की स्थिति की पड़ताल की जाएगी।

जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विकास कार्यों के लिए जारी राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया गया या नहीं। साथ ही, मोबाइल पर आने वाले OTP के इस्तेमाल और पंचायत के वित्तीय कामकाज में सरपंच की भूमिका से जुड़े आरोपों की भी पुष्टि आवश्यक होगी।

फिलहाल मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही जिम्मेदारी तय करने तथा आगे की कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

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