Women Reservation: मायावती का कांग्रेस पर तीखा हमला, महिला आरक्षण पर SC-ST-OBC हितों को लेकर दी चेतावनी

महिला आरक्षण मुद्दे पर Mayawati ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने SC-ST-OBC वर्ग के हितों को लेकर चेतावनी देते हुए बड़े सवाल उठाए। जानें पूरा राजनीतिक

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम 2023 गुरुवार से लागू हो गया है और इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

लखनऊ: महिला आरक्षण कानून लागू होने के बाद देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख Mayawati ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस, बीजेपी और समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई बिंदुओं में अपनी बात रखते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक दलों का रवैया हमेशा से दोहरा रहा है, खासकर जब बात SC, ST, OBC और मुस्लिम समुदाय के हितों की आती है।

कांग्रेस पर ‘रंग बदलने’ का आरोप

Mayawati ने Indian National Congress पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का इतिहास इन वर्गों के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में आरक्षण के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अब महिला आरक्षण के संदर्भ में इन वर्गों की बात कर रही है, लेकिन पहले कभी इनके कोटे को पूरा करने की पहल नहीं की।

मायावती ने OBC आरक्षण के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि Mandal Commission की सिफारिशों के अनुसार 27% आरक्षण लागू करने में भी कांग्रेस सरकार ने पहल नहीं की थी। उनके अनुसार, यह आरक्षण बाद में V. P. Singh की सरकार के दौरान लागू हुआ, जिसमें BSP की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

समाजवादी पार्टी पर भी साधा निशाना

Women Reservation: मायावती का कांग्रेस पर तीखा हमला, महिला आरक्षण पर SC-ST-OBC हितों को लेकर दी चेतावनी

Mayawati ने Samajwadi Party पर भी दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब सपा सत्ता में होती है, तो वह पिछड़े और मुस्लिम समुदाय के हितों को नजरअंदाज करती है, जबकि विपक्ष में रहते हुए अलग रुख अपनाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1994 में पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को सपा सरकार ने लागू नहीं किया था, जिसे बाद में BSP सरकार ने लागू किया।

Mayawati ने कहा कि देश में SC, ST, OBC और मुस्लिम समुदाय के वास्तविक हितों और भविष्य को लेकर कोई भी राजनीतिक पार्टी पूरी तरह गंभीर नहीं रही है। उनका मानना है कि इन वर्गों को राजनीतिक दलों के वादों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए और अपने अधिकारों के लिए खुद जागरूक रहना चाहिए।

महिला आरक्षण पर क्या है मायावती की सलाह?

महिला आरक्षण कानून को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल जो भी लाभ इन वर्गों को मिलने वाला है, उसे स्वीकार करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि भविष्य में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर आरक्षण को जल्दी लागू करना है, तो इसे पिछली जनगणना के आधार पर भी लागू किया जा सकता है।

Mayawati ने अपने बयान में SC, ST, OBC और मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक पार्टी के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि समाज को आत्मनिर्भर बनाना और खुद को मजबूत करना ही सबसे महत्वपूर्ण है।

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