यूक्रेन पर रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों में 16 लोगों की मौत हुई और कई दर्जन घायल हुए। टेरनोपिल और खारकीव में बड़ी तबाही दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रपति जेलेंस्की अंतरराष्ट्रीय समर्थन बढ़ाने के लिए तुर्किये पहुंचे थे।
Russia-Ukraine War: यूक्रेन में मंगलवार रात रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। इन हमलों में 16 लोगों की मौत हुई जबकि 37 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की रूस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने के लिए तुर्किये पहुंचे हैं। गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको ने बताया कि पश्चिमी यूक्रेन के टेरनोपिल शहर में नौ मंजिला दो अपार्टमेंट ब्लॉक को निशाना बनाया गया जहाँ 66 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिनमें 16 बच्चे शामिल हैं।
रूस ने दागे ड्रोन और 48 मिसाइलें
यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक रूस ने रातभर 476 यूक्रेनी ठिकानों पर डिकॉय ड्रोन से हमला किया और साथ ही 48 मिसाइलें दागीं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ‘टेलीग्राम’ पर लिखा कि आम नागरिकों पर ऐसे हमले साफ दिखाते हैं कि रूस पर डाला जा रहा दबाव अब भी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि वह तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन से मुलाकात करेंगे ताकि रूस को कूटनीतिक रूप से और अधिक अलग-थलग किया जा सके।
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खारकीव में दर्जनों घायल
उत्तर-पूर्वी शहर खारकीव में रूसी ड्रोन हमलों से दो लड़कियों समेत 46 लोग घायल हुए। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेह सिनीहुबोव ने बताया कि इन हमलों में 16 से ज्यादा आवासीय इमारतें, एक स्कूल, एक एंबुलेंस स्टेशन और कई नागरिक ढांचे क्षतिग्रस्त हुए। इसी बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि यूक्रेन ने अमेरिकी ATACMS मिसाइलों से रूसी शहर वोरोनिश को निशाना बनाया, लेकिन सभी मिसाइलें नष्ट कर दी गईं। मलबा गिरने से एक अनाथालय और वृद्धाश्रम को नुकसान पहुंचा, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ।
तुर्किये में जेलेंस्की की वार्ता
हमले से कुछ घंटे पहले जेलेंस्की ने बयान दिया था कि वह लगभग चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत की प्रक्रिया को गति देने के प्रयासों के तहत इस सप्ताह तुर्किये की यात्रा करेंगे। हालांकि, क्रेमलिन ने साफ कर दिया कि रूस की तरफ से कोई प्रतिनिधि इस वार्ता में शामिल नहीं होगा। तुर्किये ने इस साल की शुरुआत में दोनों देशों की बातचीत की मेजबानी की थी, लेकिन तब केवल युद्धबंदियों के आदान–प्रदान में सीमित प्रगति हो पाई थी। अमेरिका की अगुवाई वाले शांति प्रयास भी अब तक बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सके हैं।









