रूस-यूक्रेन युद्ध ने फिर खतरनाक मोड़ ले लिया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, एक हफ्ते में रूस ने 1,300 ड्रोन और 1,200 गाइडेड बम दागे, जिससे ओडेसा समेत कई इलाकों में भारी तबाही और मानवीय संकट गहरा गया है।
Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शांति समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत चल रही है, लेकिन जमीनी हालात इससे उलट नजर आ रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर पिछले एक हफ्ते में बेहद तीव्र और व्यापक हमले करने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक रूस ने यूक्रेन पर 1,300 ड्रोन, लगभग 1,200 गाइडेड बम और 9 मिसाइलें दागीं, जिससे कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
जेलेंस्की का बड़ा दावा
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर रूस के हमलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रूस लगातार यूक्रेन को दहशत में रखने की कोशिश कर रहा है। जेलेंस्की के अनुसार, यह हमले सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी और बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे ‘रूसी आतंक’ करार देते हुए कहा कि यूक्रेन इस चुनौती का कई स्तरों पर सामना कर रहा है।
ओडेसा और दक्षिणी इलाकों पर सबसे ज्यादा मार
जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन के दक्षिणी हिस्से, खासकर ओडेसा क्षेत्र, रूसी हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इन इलाकों में लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी आपातकालीन सेवाएं प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन बहाल करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। बिजली, पानी और संचार सेवाओं को दोबारा शुरू करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं, लेकिन हमलों की तीव्रता के कारण हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
CNN रिपोर्ट से तबाही की पुष्टि
CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार रात रूस ने ओडेसा क्षेत्र पर भीषण हमला किया, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई और 27 लोग घायल हुए। यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस ने बताया कि रूस ने पिवडेने शहर में एक बंदरगाह इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा पर मिसाइल से हमला किया। यह हमला यूक्रेन की सप्लाई लाइन और आर्थिक गतिविधियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

लगातार 9 दिन से ओडेसा पर हमले
CNN की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रूस पिछले 9 दिनों से लगातार ओडेसा और आसपास के इलाकों को निशाना बना रहा है। इन हमलों के चलते कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई है और आम लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। अस्पतालों, रिहायशी इमारतों और बंदरगाह सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है, जिससे मानवीय संकट और गहराता जा रहा है।
यूक्रेन की कूटनीति पर जोर
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने बयान में कहा कि यूक्रेन अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक देश की सुरक्षा मजबूत नहीं होगी, तब तक कूटनीति को खून-खराबा खत्म करने का मौका नहीं मिल पाएगा। जेलेंस्की ने यह भी साफ किया कि यूक्रेन सम्मानजनक शांति चाहता है, लेकिन दबाव और हमलों के साए में समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
यूक्रेन की बातचीत जारी
जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन और United States की बातचीत करने वाली टीमें इस युद्ध को सम्मानजनक शांति के साथ खत्म करने के तरीकों पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमलावर को यह समझना होगा कि युद्ध से कोई स्थायी फायदा नहीं होता और हिंसा अंततः उसी जगह लौटती है, जहां से वह शुरू होती है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब शांति वार्ता को लेकर उम्मीद और आशंका दोनों साथ-साथ चल रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय मदद से मिली राहत
यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लगातार मदद मिल रही है। जेलेंस्की ने कहा कि European Council ने 2026-27 के लिए 90 बिलियन यूरो का आवंटन किया है। इसके अलावा नॉर्वे और जापान से सहायता पैकेज मिले हैं। उन्होंने पुर्तगाल के साथ हुए समुद्री ड्रोन समझौते का भी जिक्र किया, जिसे यूक्रेन की समुद्री सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।
शांति वार्ता की कोशिश
इस बीच रूस की ओर से भी शांति समझौते को लेकर बयान सामने आया है। रूसी राष्ट्रपति के विशेष दूत और Russian Direct Investment Fund के CEO किरिल दिमित्रिएव ने कहा कि यूक्रेन में शांति समझौते के लिए मियामी में चल रही बातचीत रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है। TASS की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल हैं।









