उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 69,794 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरित किए। साथ ही स्टेडियोमीटर, इंफॉण्टोमीटर और वजन तौलने की मशीनें भी प्रदान की गईं, जिससे डिजिटलाइजेशन और बच्चों की स्वास्थ्य निगरानी में सुधार होगा।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रदेश के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 69,794 स्मार्टफोन वितरित किए। इसके साथ ही 1,33,282 स्टेडियोमीटर, 10,553 इंफॉण्टोमीटर और 58,237 वजन तौलने की मशीनें भी प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनका कार्य कितना महत्वपूर्ण है और उन्हें हर सुविधा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
सीएम योगी ने कहा कि पिछले चार साल से उनका प्रयास रहा है कि हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास स्मार्टफोन हो। इससे रियल टाइम डेटा प्राप्त होगा और विभाग की रैंकिंग में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि डेटा समय पर न मिलने की वजह से कई बार उत्तर प्रदेश की रैंकिंग कमजोर होती थी, इसलिए स्मार्टफोन देने के साथ-साथ उनके उपयोग में पारंगत करना भी आवश्यक था।
पोषाहार वितरण में पिछली सरकार की चूक
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि 2017 से पहले पोषाहार वितरण का ठेका उत्तर भारत के सबसे बड़े शराब माफिया को दिया गया था। उन्होंने बताया कि पहले पोषाहार की गुणवत्ता खराब थी और कई बार यह बच्चों तक सही तरीके से नहीं पहुंचता था। सीएम ने कहा कि अब चयन प्रक्रिया ईमानदारी से हो रही है और बच्चों को सही पोषण मिल रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि गरीब की पीड़ा को वही समझ सकता है जिसने इसे देखा है। जो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, वे इस पीड़ा को नहीं समझ सकते। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत को महत्व दिया जा रहा है और हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र और मानदेय
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सीएम योगी ने कहा कि यदि आंगनबाड़ी केंद्र स्मार्ट होंगे तो कर्मचारियों का मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए। उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि सभी कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक मानदेय सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना था कि जो लोग प्रदेश के बच्चों के भविष्य के लिए काम करेंगे, उनकी सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में भी घर-घर स्क्रीनिंग और बच्चों की देखभाल का काम किया। इसलिए सरकार का प्रयास है कि उनके काम में स्मार्टनेस आए और उन्हें हर प्रकार की सुविधा मिले।
आउटसोर्स कर्मियों के लिए कॉर्पोरेशन का गठन
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अप्रैल से राज्य में आउटसोर्स कर्मियों के लिए कॉर्पोरेशन का गठन किया गया है। पहले आउटसोर्स कंपनियों में ज्यादातर शोषण और भ्रष्टाचार होता था। सरकार से मिलने वाला पैसा सही तरीके से कर्मियों तक नहीं पहुंचता था। सीएम ने कहा कि अब ऐसे शोषण पर रोक लगी है और सभी कर्मियों को उनका पूरा हक मिलेगा। उन्होंने विभाग को सख्त निर्देश दिया कि यह व्यवस्था अप्रैल से लागू हो जाए।
डिजिटलाइजेशन से मिलेगी सुविधा
स्मार्टफोन वितरण के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र डिजिटल सेवा केंद्र में बदल जाएंगे। इससे हर काम में रियल टाइम अपडेट प्राप्त होगा। स्टेडियोमीटर, इंफॉण्टोमीटर और वजन तौलने की मशीनें भी कर्मचारियों को उपलब्ध कराई गई हैं। सीएम ने कहा कि इससे बच्चों की स्वास्थ्य जांच में सुधार आएगा और विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि स्मार्टफोन और डिजिटल उपकरणों से कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बढ़ेगी। डेटा समय पर मिलने से सरकार को निर्णय लेने में आसानी होगी और आंगनबाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।










