इंदौर में रक्षाबंधन के लिए ₹10 से ₹1,000 तक की राखियां उपलब्ध

इंदौर के रानीपुरा से राजबाड़ा तक रक्षाबंधन के लिए राखी बाजार सज गए हैं। ₹10 से ₹1,000 तक की राखियों के साथ री-यूजेबल डिजाइन, चांदी की राखियां और 13 फीट तक की शो-राखियां उपलब्ध हैं।

इंदौर के प्रमुख बाजारों में रक्षाबंधन से पहले राखियों की खरीदारी तेज हो गई है। रानीपुरा से राजबाड़ा तक दुकानों पर ₹10 से ₹1,000 तक की राखियां उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर, सॉफ्ट टॉय और लाइट वाली राखियों के साथ नग, मोती और लटकन वाले डिजाइन भी बाजार में मौजूद हैं।

रक्षाबंधन के करीब आते ही रानीपुरा से राजबाड़ा तक राखी बाजारों में अलग-अलग कीमत और डिजाइन की राखियां सजाई गई हैं। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर, सॉफ्ट टॉय और लाइट वाली राखियों की अलग रेंज है। युवाओं और महिलाओं के लिए नग, मोती, लटकन और अन्य डिजाइन वाली राखियां उपलब्ध हैं।

पारंपरिक राखियों के साथ फैशन और उपयोगिता को ध्यान में रखकर तैयार किए गए डिजाइन भी बाजार में मौजूद हैं।

इस बार री-यूजेबल राखियां बाजार में खास आकर्षण बनी हुई हैं। इनमें बड़ी लटकन और नगों का इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें रक्षाबंधन के बाद भी अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।

राखी के बीच के हिस्से को अलग करके उसे जूड़े में लगाया जा सकता है। इसकी लटकन को झुमके, ब्रेसलेट या दुपट्टे की एक्सेसरी के रूप में इस्तेमाल करने का विकल्प भी दिया गया है। कुछ बड़ी लटकनों को मोतियों के साथ जोड़कर दरवाजे के लिए तोरण बनाया जा सकता है।

कुछ डिजाइन को चैन के साथ जोड़कर माथापट्टी के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। बाजार में परिवार के लिए खास राखी सेट भी उपलब्ध हैं। कमल की तरह खुलने वाले एक सेट में परिवार के चार सदस्यों के लिए अलग-अलग राखियां रखी गई हैं। इसे न्यूक्लियर फैमिली को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

पालरेचा बंधु की ओर से करीब 13 फीट लंबी और 3 फीट चौड़ी शो-राखियां बनाई जा रही हैं। इनका इस्तेमाल बड़े स्तर पर सजावट और शो के लिए किया जाता है।

इंदौर के अलग-अलग मंदिरों के लिए थीम के अनुसार विशेष राखियां भी तैयार की जा रही हैं। इनका इस्तेमाल व्यक्तिगत उपहार के साथ-साथ सजावट और धार्मिक आयोजनों में भी किया जा रहा है।

ज्वेलरी बाजार में चांदी की राखियों की मांग भी बढ़ी है। ज्वेलर्स के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार ग्राहक चांदी की राखियों में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। हल्के वजन वाले सोने और चांदी के आभूषणों की बिक्री भी अच्छी बनी हुई है।

विजय वर्मा के मुताबिक, चांदी की राखियों को लेकर ग्राहकों में अच्छा उत्साह है और मांग लगातार बनी हुई है। अभिषेक जैन ने बताया कि हल्के वजन के सोने और चांदी के आभूषणों का सीजन अच्छा चल रहा है और पिछले साल की तुलना में चांदी के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है।

रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच बाजार में एक बच्चा बिना ठेले या गाड़ी के अपने कंधों पर बड़ी संख्या में राखियां लटकाकर बिक्री करता नजर आया। उसका यह अंदाज बाजार से गुजरने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

रानीपुरा और राजबाड़ा इलाके में सुबह से ही खरीदारों की आवाजाही बढ़ गई है। बाजार में पारंपरिक राखियों के साथ फैशन, सजावट और उपयोगिता से जुड़े नए डिजाइन भी उपलब्ध हैं।

 

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