नालंदा जिले में बदमाशों ने एक बस को रोककर लाठी-डंडों से हमला किया। आरोप है कि हमलावरों ने बस के ड्राइवर और खलासी को नीचे उतारकर मारपीट की, करीब 5 हजार रुपये छीन लिए और बस के शीशे तोड़ दिए। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि बस अपने निर्धारित मार्ग पर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने बस को रोक लिया। बस रुकते ही लाठी-डंडों से लैस हमलावर पहुंचे और ड्राइवर तथा खलासी को नीचे उतारकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों को संभलने का मौका नहीं मिला।
आरोप है कि मारपीट के बाद बदमाशों ने दोनों से 5 हजार रुपये छीन लिए। इसके बाद बस के शीशे भी तोड़ दिए गए। अचानक हुए हमले से बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
घटना के दौरान ड्राइवर और खलासी के शरीर पर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने दोनों की मदद की और उनका इलाज कराया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
पुलिस ने ड्राइवर और खलासी के बयान लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बस को किस स्थान पर रोका गया था, हमले में कितने लोग शामिल थे और वारदात कितनी देर चली। आरोपियों के भागने की दिशा और उनके पास किसी वाहन के होने की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावर कौन थे और उन्होंने बस को क्यों रोका था। ड्राइवर या खलासी से किसी पूर्व रंजिश या किसी अन्य वजह से बस को निशाना बनाए जाने की भी जांच की जा रही है।
आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पीड़ितों की जानकारी से भी आरोपियों की पहचान में मदद ली जा रही है।
हमले में बस के शीशे टूट गए और वाहन को नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की जानकारी ली है। टूटे शीशे और अन्य नुकसान से संबंधित साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा सकता है। यदि बस में कोई कैमरा या अन्य रिकॉर्डिंग व्यवस्था मौजूद थी तो उससे भी घटनाक्रम की जानकारी हासिल की जा सकती है।
5 हजार रुपये की कथित लूट भी जांच का हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किसके पास थी और बदमाशों ने उसे किस तरह छीना।
ड्राइवर और खलासी से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि हमलावरों ने बस को क्यों रोका और हमले से पहले कोई बातचीत या विवाद हुआ था या नहीं। किसी यात्री या प्रत्यक्षदर्शी का बयान मिलने पर उससे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सकती है।
पुलिस आरोपियों की पहचान के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। जांच के आधार पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटना की पृष्ठभूमि और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है।
घटना के बाद बस के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। शीशे टूटने के कारण वाहन को मरम्मत की जरूरत होगी और यदि बस को सड़क पर चलाना सुरक्षित नहीं है तो उसे अस्थायी रूप से हटाया जा सकता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि या हमलावरों के बारे में जानकारी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पीड़ितों की जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।











