मेटा ‘एवकाडो’ एआई माडल लॉन्च करण्याची योजना, चॅटजीपीटी आणि गुगल जेनीला आव्हान

Meta plans to launch its new AI model ‘Avocado’ before the end of the fiscal year, aiming to compete with ChatGPT and Google Gemini. It’s a ‘close-source’ model with privacy focus.

میٹاکेले आनीक सालके पहिने سہमाही मासि, उनकै नई एआई माडल ‘एवकाडो’ (Avocado) को लान्च करने कै योजनाबदी हे, जो चैट जीपीटी (ChatGPT) र गूगल जेनी (Google Gemini) को चुनौती करे। यह माडल ‘क्लोन सोर्स’ (Close-source) होगा, जसके नतीजे में डेवलपर इसे डाउनलोड या आर्किटेक्चर नहीं देख सकेँगे। एवकाडो का मकसद लामा माडल कै लिमेतो से त्यावज करके सुपर इंटेलिजेंस (Superintelligence) के मैदान में मेटा कैtrimmed पोजीशन को मारे में मजबूत करना है।

एआई लान्च अपडेट: मेटाले आनीक सालके पहिने سہमाही मासि, उनकै नई एआई माडल एवकाडो लेरे आ रहे हैं। यह माडल क्लोन सोर्स होगा और براہ़ाते राश चैट जीपीटी र गूगल जेनी जैसे अहम एआई टेक्नोलोजियों को चुनौती करे। मेटा के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने बताया है कि यह कदम लामा माडल कै लिमेतो से त्यावज करके सुपर इंटेलिजेंस कै जवाइन कंपनी को आगे बढ़ाएगा और कारोबारिए र टेक्नॉलजी के क्षेत्रों में मुकाबला बढ़ाने में मददगार होगा। एवकाडो कै ट्रेबती जारी है और विशेषज्ञ इसे परिवोशी दोस्त (Privacy-friendly) र सुरक्षित समझते हैं।

एवकाडो माडल कै लान्च करने कै योजनाबदी

मेटाले आनीक सालके पहिने سہमाही मासि, उनकै नई एआई माडल एवकाडो को लान्च करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। यह माडल क्लोन सोर्स होगा और चैट जीपीटी र गूगल जेनी जैसे एआई टेक्नोलोजियों को टक्कर दे। मेटा के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने कहा है कि यह कदम कंपनी को सुपर इंटेलिजेंस कै जवाइन आगे बढ़ाने के लिए ज़रूरी है। इस से ज़रिए एआई लोगों कै तरह विभिन्न پیچ़ीले काम आसानी से कर सकेँगे।

मेटाले बताया है कि एवकाडो माडल कै ट्रेबती जारी है और हर चीज़ योजना के मुताबिक़़़ जा रही है। ज़करबर्ग का मकसद लामा माडल कै लिमेतो से त्यावज करके मारे क्षमतालो वाली एआई बनाना है, जो कारोबारिए र टेक्नॉलजी दोनों क्षेत्रों में मेटा को प्राकृतिक तौर पर आगे रखे।

मेटा ‘एवकाडो’ एआई माडल लॉन्च करण्याची योजना, चॅटजीपीटी आणि गुगल जेनीला आव्हान

क्लोन सोर्स माडल के फैसले

एवकाडो माडल ओपन सोर्स (Open-source) नहीं होगा। इसका मतलब है कि डेवलपर इसे डाउनलोड नहीं कर सकते हैं और माडल के आर्किटेक्चर या डिज़ाइन के बारे में कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जाएगी। यह फैसला परिवोशी (Privacy) के बारे में तशूईश कै बारे में किया गया है और बढ़ते हुए मुकाबला को मदज़र रखा गया है।

ज़करबर्ग पहले ओपन सोर्स माडल के क़ाईल थे और अन्य कंपनियों के इस बारे में कमज़ोर होने पर तनाक़िद करते थे। जुलाई में उन्होंने कहा था कि कंपनी को यह देखना चाहिए कि कौन से माडल ओपन सोर्स किए जाएँ। अब हालिया रिपोर्ट के मुताबिक़़़ एवकाडो पूरी तरह क्लोन सोर्स रहेगा, जसके नतीजते मेटा अपने नए एआई माडल पर मारे कंट्रोल बरकरार रख सकेँगा।

सुपर इंटेलिजेंस र भविष्य कै हकमत-कलेमी

मेटाके सुपर इंटेलिजेंस लैब (Superintelligence Lab) के ज़रिए एआई में सर्च-चश्मे बनने का इरादा रखते हैं। कंपनी ने विभिन्न टेक्नॉलजी कंपनियों के कामकोनो को नोइंबर किया है, ताकि लामा से आगे बढ़ कर एवकाडो जैसे नई टेक्नोलोजियों तैयार किए जा सकेँ।

विशेषज्ञ के मुताबिक़़़ क्लोन सोर्स माडल के बाয়েस मेटा अपने एआई डेवलपमेंट पर बेहतर कंट्रोल बरकरार रख सकेँगा और यह कंपेटिटर के मुकाबला में ज़्यादा सुरक्षित र परिवोशी दोस्त होगा। एवकाडो माडल कै लान्चिंग के ज़रिए एआई में मेटा कै trimmed पोजीशन मारे मजबूत होगी और यह दुनिया में एक अहम कंपेटिटर के तौर पर तसलीम किया जाएगा।

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