मालदीव को बिना जंग मिली आज़ादी, 78 साल क्यों रहा गुलाम?

26 जुलाई को मालदीव मनाता है स्वतंत्रता दिवस। जानिए कैसे बिना युद्ध लड़े अंग्रेजों से मिली आज़ादी और क्या रहा भारत के बोहरा व्यापारियों का रोल…

सुल्तान ने खुद सौंप दी सत्ता

1887 में मालदीव के सुल्तान ने ब्रिटिश गवर्नर से संधि कर अंग्रेजों को सत्ता सौंप दी, बदले में मांगी सुरक्षा और संप्रभुता

भारत के व्यापारियों से उपजा दबाव

बोहरा व्यापारियों के वर्चस्व के खिलाफ बगावत के बाद ब्रिटिश हस्तक्षेप बढ़ा, जिससे अंग्रेजों का दबदबा कायम हुआ

ब्रिटेन ने बना लिया एयरफोर्स बेस

समझौते के बाद द्वितीय विश्व युद्ध में RAF Gan जैसे सैन्य ठिकाने बने, मालदीव ब्रिटिश हितों के लिए अहम बन गया

1960 के दशक में शुरू हुई आजादी की मांग

दक्षिणी क्रांति और जनता के विरोध के बाद देश में राष्ट्रीयता की भावना जगी, इब्राहिम नासिर ने मोर्चा संभाला

26 जुलाई 1965 को हुआ ऐतिहासिक समझौता

मालदीव के प्रधानमंत्री और ब्रिटिश राजदूत के बीच हुई संधि के साथ ही देश को मिली पूर्ण स्वतंत्रता

राजशाही से लोकतंत्र तक का सफर

1968 में जनमत संग्रह में 81% लोगों ने लोकतंत्र चुना, 853 साल पुरानी राजशाही खत्म हुई और इब्राहिम नासिर बने पहले राष्ट्रपति

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